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जानिए पूरा घटनाक्रम, कैसे कोरना के चलते 2020 टोक्यो ओलंपिक हुआ स्थगित

आयोजकों ने तैयारियों से सबका दिल जीता लेकिन वायरस के प्रकोप का खतरा पैदा होने से पहले कई बार इस पर संकट के बादल छाये। इस दौरान भ्रष्टाचार और बजट की गड़बड़ी के आरोपों का साया खेलों पर पड़ा।

Tokyo Olympic- India TV Hindi
Image Source : GETTY IMAGES Tokyo Olympic

ओलंपिक अधिकारियों ने टोक्यो की सराहना अब तब के सबसे अच्छे मेजबान शहर के रूप में की लेकिन कोई भी कोरोना वायरस महामारी से निपटने की योजना नहीं बना सका, जिससे 2020 खेलों के अभूतपूर्व स्थगन के लिए मजबूर होना पड़ा।

आयोजकों ने तैयारियों से सबका दिल जीता लेकिन वायरस के प्रकोप का खतरा पैदा होने से पहले कई बार इस पर संकट के बादल छाये। इस दौरान भ्रष्टाचार और बजट की गड़बड़ी के आरोपों का साया खेलों पर पड़ा।

ओलंपिक घटनाक्रम-

2013: सितंबर 2013 में टोक्यो  को आईओसी ने ओलंपिक की मेजबानी सौपी जिसके बाद जापान के हजारों लोग खुशी से झूम उठे। प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने वादा किया कि टोक्यो सुरक्षित हाथों में है।

2015: ओलंपिक के लिए सबसे महंगे स्टेडियम के कारण आलोचना झेलने के बाद आबे को राष्ट्रीय स्टेडियम के खाके को रद्द करना पड़ा जिससे उन्हें शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने फैसला किया है कि हमें फिर से इसका खाका तैयार करना होगा।

2015: सितंबर 2015 में चोरी का आरोप लगने के बाद इसके प्रतीक चिन्ह को रद्द कर दिया गया। डिजायनर ओलिवियर डेबी ने आरोप लगाया कि इसका लोगों बेल्जियम के थिएटर से चुराया गया है। उन्होंने कानूनी कार्रवाई की धमकी दी जिसके बाद आयोजन समिति ने यह कहते हुए प्रतीक चिन्ह को वापस ले लिया ,‘‘ जनता को इसका समर्थन हासिल नहीं है।’’

2018: प्यारा शुभंकर प्रतीक चिन्ह में हुई चूक के बाद स्कूली बच्चों द्वारा चुने गए ओलंपिक और पैरालम्पिक्स के ओलंपिक शुभंकर ‘‘मिराटोवा’’ का सही तरीके से जारी होने से आयोजन समिति ने राहत की सांस ली

2018: मुक्केबाजी विवाद एक अभूतपूर्व कदम के तहत अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने विभिन्न आरोपों के साथ खेलों में मुक्केबाजी प्रतियोगिता के संचालन का अधिकार एआईबीए से वापस ले लिया। बाद में हालांकि आईओसी ने खुद ही मुक्केबाजी टूर्नामेंट का आयोजन करने की बात कही।

2019: खेलों में रूस की भागीदारी पर दिसंबर में उस समय सवाल उठा जब डोपिंग रोधी एजेंसी वाडा ने ओलंपिक डोपिंग डेटा को लेकर ओलंपिक सहित वैश्विक आयोजनों से चार साल तक देश के एथलीटों पर प्रतिबंध लगाया। रूस ने अपील करने की लेकिन मार्च 2020 में नए कोरोना वायरस विश्व स्तर पर फैलने के कारण सुनवाई स्थगित कर दी गई।

2020:  ‘अकल्पनीय’ मार्च के तीसरे सप्ताह में कोरोना वायरस के चपेट में 325,000 से अधिक लोग आ गये जबकि 14,400 से अधिक की मौत हो गयी। इसके बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे महामारी घोषित किया गया है। आयोजकों पर इसके टालने का दबाव बना लेकिन उन्होंने इसे ‘‘अकल्पनीय’’ करार दिया। 24 मार्च 2020 आईओसी और जापान ने अंततः एक ऐतिहासिक फैसले में ओलंपिक को स्थगित कर दिया।