दिल्ली: डोपिंग में फंसे नरसिंह यादव ने इस प्रकरण में आज CBI जांच की मांग की, जिसके कारण उनकी ओलंपिक में भागीदारी पर संदेह के बादल छा गये हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका रियो का सपना तोड़ने के लिये यह साजिश रची गयी है।
नरसिंह ने कहा, इसमें CBI जांच होनी चाहिए। मेरे चयन से संबंधित पूरा प्रकरण अदालत में हुआ था। एक सीआईडी रिपोर्ट भी थी कि मेरी जिंदगी खतरे में है। इससे स्पष्ट होता है कि मुझे फंसाया गया है ताकि मैं रियो जाने से रूक जाउं। उन्होंने कहा, मैंने अपनी शिकायत महासंघ को दे दी है जिसमें मैंने स्पष्ट किया है कि कुछ चीज मेरे भोजन में डाली गयी होगी जिसे मैस में तैयार किया गया था। यह मेरे खिलाफ साजिश है।
मुझे उम्मीद है कि जल्द ही सबकुछ स्पष्ट हो जायेगा, नरसिंह ओलंपिक शुरू होने से महज 10 दिन पहले प्रतिबंधित पदार्थ के पाजीटिव पाये गये हैं, जिससे उनकी रियो खेलों में भागीदारी पर संदेह के बादल छा गये हैं। यह 26 वर्षीय पहलवान नाडा पैनल के समक्ष खुद को निर्दोष साबित करने की कोशिश करेगा जो बुधवार को बैठक करेगी।
नरसिंह को उम्मीद है कि वह समिति के सदस्यों को मनाने में सफल रहेंगे कि यह पूरा प्रकरण साजिश के तहत किया गया है। नरसिंह ने कहा, मुझे उम्मीद है कि जल्द ही सबकुछ स्पष्ट हो जायेगा।
मुझे सभी का शत प्रतिशत समर्थन प्राप्त है। मुझे अब भी रियो जाने की उम्मीद है। दिलचस्प बात है कि नरसिंह को विवादास्पद परिस्थितियों में रियो ओलंपिक के लिये चुना गया था क्योंकि दो बार के ओलंपिक पदकधारी सुशील कुमार ने भी 74 किग्रा फ्रीस्टाइल में देश का प्रतिनिधित्व करने का दावा किया था और ट्रायल की मांग की थी। लेकिन भारतीय कुश्ती महासंघ ने नरसिंह को चुना था क्योंकि उन्होंने पिछले साल विश्व चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीतकर ओलंपिक कोटा हासिल किया था।