नयी दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ ने भले ही ओलंपिक में पेशेवर मुक्केबाजों को खेलने की अनुमति दे दी है लेकिन भारत के सबसे बड़े स्टार विजेंदर सिंह रियो दि जिनेरियो में नहीं खेल सकेंगे क्योंकि उनके पास क्वालीफाई करने का समय और मौका नहीं रह गया है। एक अहम फैसले में एआईबीए ने आज पेशेवर मुक्केबाजों के लिये ओलंपिक के दरवाजे खोल दिये।
माइक टाइसन और लेनोक्स लुईस जैसे मुक्केबाजों ने इसे बेवकूफाना फैसला बताया जबकि आमिर खान ने इसका स्वागत किया। भारत में एआईबीए के फैसले से फोकस ओलंपिक पदक विजेता विजेंदर पर आ गया जो पिछले साल पेशेवर बने थे। पूर्व अमैच्योर और दुनिया के नंबर एक मिडिलवेट मुक्केबाज रहे विजेंदर पेशेवर कैरियर में अभी तक अपराजेय है और उन्हें 16 जुलाई को दिल्ली में डब्ल्यूबीओ एशिया खिताब के लिये खेलना है।
विजेंदर ने कहा, मैं रियो ओलंपिक में पेशेवर मुक्केबाजों को खेलने की अनुमति देने के एआईबीए के फैसले का स्वागत करता हूं। मुझे अभी पूरी प्रक्रिया की औपचारिकतायें पता नहीं चली है। देश में कोई महासंघ नहीं होने के कारण मुझे पता नहीं कि किससे मार्गदर्शन लूं। फिलहाल मैं 16 जुलाई को होने वाले मुकाबले पर फोकस कर रहा हूं। आखिरी ओलंपिक क्वालीफायर 16 जून से अजरबैजान में होगा जिसके लिये टीम चुनी जा चुकी हूं। विजेंदर चूंकि पिछले महीने हुए ट्रायल में शामिल नहीं थे तो वह टीम में नहीं है ।