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रियो डायरी: किसी खिलाड़ी ने किया भद्दा इशारा तो किसी ने कहा मैं हूं 'गे'

रियो डी जेनेरियो: रियो ओलंपिक अब धीरे-धीरे अपने शबाब पर पहुंचता जा रहा है और खिलाड़ियों में मैडल की होड़ भी तेज़ हेने लगी है। कुछ किलाड़ी जहां अपने प्रदर्शन की वजह से सुर्ख़ियों बचोर

Rio Diary- India TV Hindi
Rio Diary

रियो डी जेनेरियो: रियो ओलंपिक अब धीरे-धीरे अपने शबाब पर पहुंचता जा रहा है और खिलाड़ियों में मैडल की होड़ भी तेज़ हेने लगी है। कुछ किलाड़ी जहां अपने प्रदर्शन की वजह से सुर्ख़ियों बचोर रहे हैं वहीं कुछ अपनी अजीब-ओ-ग़रीब हरकतों से ख़बरों में हैं। कुछ तो खेल भी नहीं रहे हैं फिर भी सुर्ख़ियों में हैं।

किसी बेटे का अपने पिता को भद्दा इशारा करना, सुनने और देखने में अजीब लगता है, लेकिन ऐसा किया कनाडा के तैराक सांटो कोंडोरेली ने लेकिन सिर्फ आत्मविश्वास पाने के लिए।

कई खिलाड़ी खेल में कई तरह की आदतें, अंधविश्वास का पालन करते हैं। वह ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि उनका मानना होता है कि इससे उन्हें अच्छा प्रदर्शन करने में मदद मिलेगी। कोंडोरेली उन खिलाड़ियों में से ही एक हैं।

Santo-Condorelli

वह ऐसा अभी से नहीं बल्कि आठ साल की उम्र से कर रहे हैं। इसमें रोचक बात यह है कि उन्हें ऐसा करने का सुझाव उनके पिता जोसेफ ने ही दिया था।

अपने बेटे के अपने से ज्यादा उम्र के प्रतिद्वंद्वियों से बराबर हारने से झल्लाए जोसेफ ने अपने बेटे से कहा था कि वह उन्हें बीच की उंगली दिखाएं और वह प्रतिक्रिया में ऐसा करेंगे ताकि उनका आत्मविश्वास बढ़ सके।

हालांकि यह प्रक्रिया कोंडोरेली के लिए कई बार मुसीबत का सबब भी बन चुकी है और उन्हें कई बार माफी भी मांगनी पड़ी है। लेकिन इसके बाद भी बाप-बेटे की जोड़ी रियो में भी इसे दोहराना नहीं छोड़ा।

अपने कपड़ों पर उकेरा इंद्रधनुष

Amini

वह कुछ अलग हैं, और इस पर उन्हें गर्व है। टोंगन के ओलम्पिक तैराक अमिनी फोनुआ अपने आप को गे (समलैंगिक) कहलाने में शर्म महसूस नहीं करते और वह इस तमगे को अपने तैराकी कपड़ों पर भी लगाते हैं।

रियो में अपने दूसरे ओलम्पिक खेलों में हिस्सा ले रहे अमिनी ने तैराकी के कपड़ों पर गे और लेसबियन जैसे शब्द लिखवाए हैं।

समलैंगिता का समर्थन करने वाली संस्था ने उन्हें इस तरह के कपड़े दिए हैं। जिसे पहन कर उन्होंने अभ्यास किया और इसकी तस्वीर सोशल नेटवर्किं ग साइट पर डाली।

उन्होंने कहा, "यह हर किसी को बताने के लिए है कि मैं अलग हूं और मुझे इस पर गर्व है।"

मैडल जीता पोते ने शोहरत बटोरी दादी ने

Adam Peaty

ब्रिटेन के तैराक एडम पेटी ने अपने राष्ट्र के लिए रियो ओलम्पिक में पहला स्वर्ण पदक हासिल किया, लेकिन उनकी दादी मेविस विलियम्स ने इसके बाद तारीफें बटोरीं। दरअसल उनकी दादी ने अपने 21 साल के पोते की जीत के बाद ट्वीटर पर कई ट्वीट किए।

74 वर्ष की उम्र में ट्विटर पर आईं मेविस को एडम का इतिहास लिखने के लिए काफी प्रतिष्ठा हासिल हो रही है।

अपने आप को गौरवान्वित बताने वाली मेविस ने अप्रैल में ही ट्विटर पर दस्तक दी थी। तब से लेकर अभी तक 3000 लोग सोशल नेटर्विकंग साइट पर उनका अनुसरण कर रहे हैं।