रियो ओलंपिक में पदक जीतकर इतिहास रचने वाली महिला पहलवान साक्षी मलिक के शहर रोहतक में जश्न का माहौल है। साक्षी के मैडल पहनते ही उनके परिवार के लोग खुशी से झूम उठे और उनके मां-बाप तो मानो फूले ही नहीं समा रहे हैं।
साक्षी के पिता ने कहा देश के लिए साक्षी का पहले मैडल जीतते ही मेरी आंखों में खुशी के आंसू आ गए। ये हम सभी के लिए बड़ा दिन है।
साक्षी के पिता DTC में काम करते हैं जबकि उनकी मां सुदेश मलिक सरकारी नौकरी करती हैं।
रोहतक में आतिशबाज़ी ने किया रात को दिन
हरियाणा के शहर रोहतक में जैसे ही साक्षी के अभूतपूर्व कारनामे की ख़बर फ़ैली, चारों तरफ दिवाली मनने लगी। लोगों ने यहां जमकर पटाखे चलाए और मिठाइयां बांटी। आतिशबाज़ी से न सिर्फ पूरा रोहतक ''दिवालीमय'' हो गया बल्कि रात दिन में तब्दील हो गई।
23 साल की साक्षी ने किर्गिस्तान की अइसुलू टाइबेकोवा को 58 किलोग्राम वर्ग में पराजित किया। कोरिओका एरेना-2 मे हुए इस मुकाबले मे एक समय साक्षी 0-5 से पीछे थीं लेकिन दूसरे राउंड में उन्होंने उलट-पलट करते हुए इसे 8-5 से जीत लिया।
इस बीच सोशल मीडिया में साक्षी को बधाईयां दी जा रही हैं। राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने ट्वीट किया: रियो ओलंपिक की महिला कुश्ती स्पर्धा में पदक जीतने और देश का गौरव बढ़ाने के लिए साक्षी मलिक को हार्दक बधाई!