1. Hindi News
  2. खेल
  3. अन्य खेल
  4. साक्षी मलिक के कोच ने कहा, अभी तक नहीं मिले पैसे और प्रमोशन

साक्षी मलिक के कोच ने कहा, अभी तक नहीं मिले पैसे और प्रमोशन

भारत की महिला फ्रीस्टाइल कुश्ती टीम के कोच कुलदीप मलिक ने भले ही रियो ओलंपिक में साक्षी मलिक की सफलता में अहम भूमिका अदा की हो लेकिन उन्हें अभी तक कोई नकद पुरस्कार या सम्मान नहीं मिला है।

Kuldeep Malik and Sakshi Malik. (File Photo: PTI)- India TV Hindi
Kuldeep Malik and Sakshi Malik. (File Photo: PTI)

कोलकाता: भारत की महिला फ्रीस्टाइल कुश्ती टीम के कोच कुलदीप मलिक ने भले ही रियो ओलंपिक में साक्षी मलिक की सफलता में अहम भूमिका अदा की हो लेकिन उन्हें अभी तक कोई नकद पुरस्कार या सम्मान नहीं मिला है। साक्षी के साथ रियो खेलों से लौटने के बाद हरियाणा सरकार ने उन्हें बहादुरगढ़ में सम्मान समारोह में 10 लाख रुपये के चेक की एक फोटोकॉपी दी थी, लेकिन एक महीने बाद इस कोच को अभी तक असली चेक नहीं मिला है। 

रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने 29 अगस्त को जब साक्षी को खेल रत्न दिया था, तब उन्होंने भी कुलदीप को प्रमोशन का वादा किया था, लेकिन अभी तक वह अपना यह वादा पूरा नहीं कर पाए हैं। कुलदीप उत्तरी रेलवे में मुख्य टिकट इंस्पेक्टर हैं। उन्होंने पिछले एक महीने में हरियाणा सरकार और रेलवे खेल संवर्धन बोर्ड से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उनका किसी से कोई संपर्क नहीं हो पाया। साक्षी को 2011 से कोचिंग देने वाले कुलदीप ने कहा, ‘साक्षी के लिए भले ही बड़े नकद पुरस्कार हों और सुपर लग्जरी बीएमडब्ल्यू कार हो, लेकिन मुझे कुछ नहीं मिला। यहां तक कि वादे भी अभी पूरे नहीं हुए हैं।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे एक भी पैसा नहीं मिला है। मैंने बार बार चेक के लिए पूछा है लेकिन अधिकारी इसे टालते रहे हैं।’

2010 में ध्यानचंद अवॉर्ड जीतने वाले कुलदीप की कोचिंग में साक्षी ने रियो ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने के अलावा ग्लासगो के कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर और 2015 में दोहा के एशियन चैम्पियनशिप में ब्रॉन्ज पर कब्जा जमाया था। हालांकि कोच कुलदीप का कहना है कि साक्षी उनकी पहले जैसी ही इज्जत करती है। उन्होंने कहा, 'साक्षी जब भी मिलती है बहुत सम्मान देती है। मैं पैसों की भीख नहीं मांग रहा लेकिन जो वादा किया गया है उसे निभाना ही चाहिए। सभी जानते हैं कि हमने क्या उपलब्धि हासिल की है और साक्षी का मेडल ही मेरा सबसे बड़ा इनाम रहेगा।'