नई दिल्ली: अभी सुमित नागल की उपलब्धि का जश्न पूरी तरह खत्म भी नहीं हुआ था कि हरियाणा के एक और लाल ने देश का नाम फिर से रौशन कर दिया।
दूध बेचकर अपना जीवन यापन करने वाले दूधवाले के 10 वर्षीय बेटे शुभम जगलान ने शुक्रवार को सैन डियागो में जूनियर वर्ल्ड गोल्फ चैंपियनशिप पर कब्जा जमा सबको मात दे दी। बीते रविवार को छज्जर के सुमित नागल ने जूनियर विंबलडन में खिताब जीत देश का नाम रौशन किया था।
तीन दौर के मुकाबले के बाद शुभम ने 7 अंडर पार-179 के स्कोर के साथ विजेता ट्रॉफी जीती। दूसरे दौर तक शुभम संयुक्त रूप से शीर्ष पर चल रहे थे। लेकिन आखिरी राउंड में भारत के इस खिलाड़ी ने बेहतरीन प्रिदर्शन करते हुए पांच बर्डी लगाकर निर्णायक बढ़त हासिल कर ली। शुभम पिछले साल इस टूर्नामेंट में उपविजेता रहे थे।
खिताबी जीत के बाद शुभम ने कहा ''आखिरकार मैंने कर दिखाया। जूनियर गोल्फ के इस प्रतिष्ठित खिताब को जीतकर मैं बेहद खुश हूं। मैं इस जीत का श्रेय अपने माता-पिता, दिल्ली गोल्फ क्लब और गोल्फ फाउंडेशन को देना चाहूंगा।
शुभम ने कहा, 'मुझे यहां तक पहुंचाने में मेरे परिवार का (जगपाल) का बड़ा योगदान है। मेरे पापा दिन-रात मेरी कामयाबी के लिए मेहनत करते रहे। मेरी कोच नोनिता लाल कुरैशी और अमित लूथरा ने मेरी प्रतिभा को तराशा।
अकादमी बंद होन के बाद भी नहीं टूटा था आत्मविश्वास-
एक एनआरआइ कपूर सिंह ने पानीपत के गांव इसराना में गोल्फ अकादमी की शुरुआत की। जिसमें शुभम ने पांच वर्ष की आयु में खेलना शुरू किया। हालांकि अकादमी बंद हो गई, लेकिन शुभम ने गोल्फ में करियर बनाने की ठान ली। कुछ दिन करनाल में अभ्यास करने के बाद वह दिल्ली गोल्फ क्लब आ गए। शुभम अभी तक 100 से ज्यादा खिताब जीत चुके हैं। 2012 में उन्होंने 9 अंडर स्कोर के साथ क्लासिक जूनियर वर्ग में विश्व रिकॉर्ड बनाया था। 2013 में वह वर्ल्ड मास्टर्स जूनियर गोल्फ चैंपियनशिप में विजेता रहे।