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पेशेवर बॉक्सिंग में विकास ने अबाका को चटाई धूल

भारतीय मुक्केबाज विकास कृष्ण यादव ने शानिवार को एआईबीए पेशेवर मुक्केबाजी मुकाबले में केन्या के निकसन अबाका को हराकर अपने पेशेवर करियर की शानदार शुरुआत की है। भिवानी के विकास ने छह दौर के मिडिलवेट (75 किलोग्राम) मुकाबले में 3-0 से जीत हासिल की।

vikas krishan yadav and nichson abaka- India TV Hindi
vikas krishan yadav and nichson abaka

नोएडा: भारतीय मुक्केबाज विकास कृष्ण यादव ने शानिवार को AIBA पेशेवर मुक्केबाजी मुकाबले में केन्या के निकसन अबाका को हराकर अपने पेशेवर करियर की शानदार शुरुआत की है।

भिवानी के विकास ने छह दौर के मिडिलवेट (75 किलोग्राम) मुकाबले में 3-0 से जीत हासिल की।

इस जीत के साथ ही वह अगले महीने वेनेजुएला में पेशेवर मुक्केबाजों के लिए होने वाले ओलम्पिक क्वालीफिकेशन में हिस्सा लेने के पात्र हो गए हैं।

अपने से अनुभवी विपक्षी के सामने विकास ने एकतरफा खेल दिखाया और पूरे मुकाबले के दौरान अपना दबदबा कायम रखा। उन्होंने यह मुकाबला बड़ी आसानी से अपने नाम किया।

दिल्ली मुक्केबाजी संघ के प्रमोटर और अध्यक्ष रोहित जैन ने विकास को विजयी ट्रॉफी प्रदान की।

जैन ने कहा, "यह भारतीय मुक्केबाजी के लिए ऐतिहासिक दिन है।"

विकास भारतीय टीम के साथ बाकु, अजेरबाजेन के लिए रवाना होंगे जहां वह ओलम्पिक क्वालीफाइंग स्पर्धा में हिस्सा लेंगे जिसकी शुरुआत 16 जून से हो रही है।

विकास ने मैच के बाद कहा, "मैं मुकाबले से पहले थोड़ा डरा हुआ था क्योंकि मेरे चहेरे पर चोट थी और कल हमें रियो ओलम्पिक क्वालीफायर के लिए भी रवाना होना है। इसलिए मैं संभल कर खेलना चाहता था।"

उन्होंने कहा, "मुझे मुकाबले की शुरुआत में अपनी चोटिल जगह पर दोबारा लगी जिसके कारण वहां से खून आने लगा था। इसलिए मैं शुरुआत में जानबूझ कर धीमा हो गया।"

अपने विपक्षी पर विकास ने कहा, "वह काफी अनुभवी हैं और जिस तरह के पंच मैंने उनको मारे वह कोई एमेच्योर सहन नहीं कर सकता। मैंने अपना बायां पंच उन्हें मारा जिससे वह पूरी तरह हिल गए, लेकिन उन्होंने मेरे हमलों को झेला और लड़ते रहे।"

यह विकास का दूसरा छह राउंड का मुकाबला था। इस पर विकास ने कहा कि इस जीत से उन्हें रियो क्वालीफायर में अच्छा प्रदर्शन करने का आत्मविश्वास मिला है।

विकास ने कहा, "यह मेरे लिए बेहद ही महत्वपूर्ण जीत थी क्योंकि इससे मुझे ओलम्पिक क्वालीफायर में अच्छा प्रदर्शन करने का आत्मविश्वास मिला है। जीतना मेरे लिए जरूरी नहीं था, लेकिन किसी टूर्नामेंट में जीत के साथ जाने से आत्मविश्वास बढ़ता है।"