नई दिल्ली: सुशील कुमार से मिलने का दिल्ली उच्च न्यायालय से निर्देश मिलने के बाद भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) कल उससे मुलाकात करेगा लेकिन उसके ओलंपिक खेलने की उम्मीदें धूमिल पड़ चुकी है क्योंकि महासंघ ने यह कहकर पुरूषों के 74 किलोवर्ग में ट्रायल कराने से इनकार कर दिया है कि इससे गलत परंपरा बनेगी और भारतीय कुश्ती खत्म हो जायेगी।
अदालत से निर्देश मिलने के बाद भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह कल दो बार के ओलंपिक पदक विजेता सुशील से मिलेंगे। पिछले दो ओलंपिक में पदक जीत चुके 32 बरस के सुशील देश के सबसे बड़े खिलाडि़यों में से है लेकिन महासंघ कोटा विजेता नरसिंह यादव को भेजने के पक्ष में है। बृजभूषण ने कहा, ‘मैं कल मुलाकात करूंगा। पहले हम चयन समिति बनाने वाले थे लेकिन अब अदालत ने हमें चार सदस्यीय समिति के गठन का निर्देश दिया है। हम कल मुलाकात करके अपनी राय देंगे।’
अदालत ने आज कहा कि अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और मुख्य कोच की समिति जल्दी से जल्दी सुशील से मिले और मामले को सर्वसम्मति से सुलझाने का प्रयास करे। अदालत ने खेल मंत्रालय और डब्ल्यूएफआई से भी जवाब मांगे हैं और 27 मई को अगली सुनवाई से पहले हलफनामे देने को कहा है। बृजभूषण ने कहा कि डब्ल्यूएफआई ट्रायल नहीं करेगा क्योंकि इससे भारतीय कुश्ती को काफी नुकसान होगा।
बृजभूषण ने कहा, अभी तक कोई भी पहलवान यही मानता था कि कोटा लाने पर वह ओलंपिक जायेगा लेकिन जिस दिन यह चलन शुरू हो जायेगा कि कोटा कोई और लाये और ओलंपिक कोई और जायेगा तो उसी दिन भारतीय कुश्ती खत्म हो जायेगी। कोई भी कोटा पाने के लिये कड़ी मेहनत नहीं करेगा।