FIFA World Cup Final: फीफा वर्ल्ड कप 2022 के फाइनल में फ्रांस और अर्जेंटीना की में कांटे का मुकाबला हुआ। 3-3 से मुकाबला बराबरी पर रहने के बाद पेनल्टी शूटआउट में अर्जेंटीना की टीम ने फ्रांस को 4-2 से मात दी। इस जीत में एक बड़ा हाथ महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी का भी रहा। वर्ल्ड कप जीत के साथ ही मेसी का सबसे बड़ा सपना भी पूरा हो गया। अर्जेंटीना की जीत के बाद उनके देश में काफी खुशी का माहौल है और लाखों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर रहे हैं।
अर्जेंटीना में जन सैलाब
अर्जेंटीना की विश्वकप में 36 साल बाद दर्ज की गई जीत का जश्न मनाने और अपने चहेते खिलाड़ियों की एक झलक पाने के लिए ब्यूनस आयर्स की सड़कों में लाखों लोग उतर गए जिससे हर तरफ जाम लग गया और खिलाड़ियों की परेड भी बीच में रोकनी पड़ी। लोगों के हाथों में झंडे थे, वे उत्साह में नाच गा रहे थे लेकिन उनकी संख्या इतनी अधिक थी कि उसके कारण खिलाड़ियों की खुली बस में परेड रोकनी पड़ी और उन्हें हेलीकॉप्टर में परेड करवानी पड़ी। अर्जेंटीना की सरकार ने इसे हवाई परेड की संज्ञा दी। राष्ट्रपति अल्बर्टो फर्नांडीज के प्रवक्ता गैब्रिएला सेरुती ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘विश्व चैंपियन पूरे मार्ग पर हेलीकॉप्टर से उड़ान भर रहे हैं क्योंकि बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के कारण सड़क मार्ग से परेड जारी रखना असंभव था।’’
वर्ल्ड कप जीत के बाद भारी जश्न
हेलीकॉप्टर ने ब्यूनस आयर्स के उन स्थानों पर उड़ान भरी जहां फैंस एकत्रित थे। इसके बाद हेलीकॉप्टर राजधानी से बाहर स्थित अर्जेंटीना फुटबॉल संघ के मुख्यालय पहुंचे। कुछ फैंस इसके बाद भी सड़कों पर जश्न मनाते रहे लेकिन कई फैंस को निराशा थी कि वह 1986 के बाद पहली बार विश्व कप जीतने वाली अपनी टीम के खिलाड़ियों की झलक नहीं देख पाए। टीम की झलक पाने के लिए सुबह से ही इंतजार कर रहे 25 वर्षीय डिएगो बेनाविदेज ने कहा, ‘‘हम गुस्से में हैं क्योंकि सरकार ने इसका व्यवस्थित तरीके से आयोजन नहीं किया जिससे कि हम अच्छी तरह से जश्न मना सकते। उन्होंने हमसे विश्वकप का मजा छीन दिया।’’
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36 साल बाद हुआ कमाल
लेकिन कई लोग ऐसे थे जो बड़ी संख्या में फैंस के पहुंचने के कारण सरकार की मजबूरी समझते थे और इसलिए वे जश्न में डूबे हुए थे। अपनी सात वर्षीय बेटी के साथ पहुंचे 33 वर्षी निकोलस लोपेज ने कहा,‘‘ मैं निराश नहीं हूं। हम जश्न मना रहे हैं।’’ दो व्यक्तियों के एक पुल से खिलाड़ियों को ले जा रही ओपन बस में कूदने के तुरंत बाद परेड को रोक दिया गया। इनमें से एक व्यक्ति बस के अंदर गिरा जबकि दूसरा फुटपाथ पर गिर गया था। फ़ुटबॉल एसोसिएशन के प्रमुख क्लाउडियो तापिया ने योजना में बदलाव के लिए सरकारी तंत्र को दोषी ठहराया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा,‘‘जो सुरक्षाकर्मी हमारे साथ थे वही हमें आगे नहीं बढ़ने दे रहे थे। मैं सभी चैंपियन खिलाड़ियों की तरफ से माफी मांगता हूं।’’