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भारतीय हॉकी महिला टीम को चीन से भी मिली हार, प्वाइंट्स टेबल के आखिर में रहना हुआ पक्का

भारतीय महिला हॉकी टीम को FIH प्रो लीग में हार का मुंह देखना पड़ा है। मैच में भारतीय प्लेयर्स ने टुकड़ों में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन टीम एकजुट होकर प्रदर्शन नहीं कर पाई।

भारतीय महिला हॉकी टीम- India TV Hindi
Image Source : HOCKEY INDIA भारतीय महिला हॉकी टीम

FIH प्रो लीग में भारतीय महिला हॉकी टीम का प्रदर्शन बहुत ही खराब रहा है। टीम को अब चीन ने 3-0 से हरा दिया और इसी के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम का प्वाइंट्स टेबल में सबसे आखिरी स्थान पर रहना पक्का हो गया है। भारतीय टीम की एफआईएच प्रो लीग के यूरोपीय चरण में यह लगातार सातवीं हार है और उसके 15 मैचों में 10 अंक है। टीम 2024-25 एफआईएच प्रो लीग के अपने आखिरी मैच में फिर से चीन के खिलाफ खेलेगी।

जीतकर नहीं बनेगा भारतीय टीम का काम

भारतीय हॉकी टीम अगर अपने आखिरी मैच में चीन को हरा भी देता है तब भी वह 12 अंक तक ही पहुंचेगा। भारत ऐसे में 2025-26 सेशन में एफआईएच प्रो लीग के दूसरे स्तर FIH नेशंस कप में रेलीगेट हो गया। इंग्लैंड 15 मैचों में 14 अंकों के साथ सातवें स्थान पर है। दूसरी तरफ जर्मनी को इंग्लैंड के खिलाफ 0-1 से हार का मुंह देखना पड़ा। वह भारत से प्वाइंट्स टेबल में एक स्थान ऊपर है।

भारत के पास था गोल करने का मौका

भारतीय महिला हॉकी टीम के खिलाफ चेन यांग (21वें मिनट) और झांग यिंग (26वें मिनट) ने पेनाल्टी कॉर्नर से गोल किए, जबकि आनहुल यू (45वें मिनट) ने मैदानी गोल कर भारत के खिलाफ चीन को यादगार जीत दिलाई। भारत ने मुकाबले में अच्छी शुरुआत की और पहले क्वार्टर में चीन के सर्किल में पहुंच कर उसकी रक्षापंक्ति को कड़ी टक्कर दी। बलजीत कौर के पास तीसरे मिनट में मैच का पहला गोल करने का मौका था लेकिन उनका शॉट गोल-पोस्ट से बाहर चला गया। इसके एक मिनट बाद भारत को लगातार दो पेनाल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन दीपिका ने दोनों मौकों को जाया कर दिया।

गोलकीपर सविता ने किए शानदार बचाव

अनुभवी भारतीय गोलकीपर सविता ने कुछ शानदार बचाव किए, जिसमें 13वें मिनट में गुओटिंग हाओ के रिवर्स हिट को रोकना भी शामिल था। पहले क्वार्टर के कुछ सेकंड शेष रहते चीन को दूसरा पेनाल्टी कॉर्नर मिला लेकिन वे पुश को रोक नहीं पाए। चीन ने दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में ही लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर अर्जित किए लेकिन उन मौकों का फायदा नहीं उठा पाए। चीन को इस क्वार्टर में जोरदार शुरुआत करने का एक और फायदा 21वें मिनट में मिला जब टीम ने भारतीय रक्षापंक्ति पर दबाव बनाकर एक और पेनाल्टी कॉर्नर हासिल किया। चेन यांग ने इसे गोल में बदलने को कोई गलती नहीं की। 

भारतीय खिलाड़ियों ने तीसरे क्वार्टर के शुरुआती मिनटों में लगातार हमलों के साथ दबदबा कायम किया लेकिन चीन के मजबूत रक्षापंक्ति को भेदने में नाकाम रहे। चीन ने भारतीय रक्षापंक्ति में सुस्ती का फायदा उठाया और 45वें मिनट में आनहुल के मैदानी गोल से अपनी बढ़त को तिगुना कर दिया और अंत तक यह बढ़त कायम रही।

(Input: PTI)