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National Games 2025: 'देवभूमि से खेलभूमि बन गया उत्तराखंड', समापन समारोह में बोले गृहमंत्री अमित शाह

National Games 2025: नेशनल गेम्स 2025 का समापन समारोह उत्तराखंड के हल्द्वानी में हुआ। इसमें गृहमंत्री अमित शाह ने खेलों को बढ़ावा देने पर जोर दिया है और नेशनल गेम्स में सबसे ज्यादा गोल्ड मेडल जीतने वाले सर्विसेज को अवॉर्ड दिया।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, गृहमंत्री अमित शाह और खेल मंत्री मनसुख मंडाविया- India TV Hindi
Image Source : YOU TUBE उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, गृहमंत्री अमित शाह और खेल मंत्री मनसुख मंडाविया

National Games 2025: नेशनल गेम्स 2025 का समापन समारोह उत्तराखंड के हल्द्वानी में हुआ। 38वें नेशनल गेम्स में देशभर से कुल मिलाकर 16000 से ज्यादा एथलीट्स ने हिस्सा लिया। समापन समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। जहां उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गृहमंत्री अमित शाह का स्वागत स्मृति चिन्ह, एक शॉल और फूलों का गुलदस्ता देकर किया। मंच पर उनके साथ खेल मंत्री मनसुख मंडाविया, मेघायल के मुख्यमंत्री कॉनरोड संगमा और भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी ऊषा मौजूद थीं। 

खेल भूमि बन गया है उत्तराखंड: अमित शाह

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि नेशनल गेम्स के बाद उत्तराखंड देवभूमि के बाद खेल भूमि बन गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के हर जिले में खेलों के लिए बुनियादी ढांचे का विकास किया है। उन्होंने प्लेयर्स को सभी सुविधाएं मुहैया कराई हैं। मैं आज यह कह सकता हूं कि खेलों में भारत का भविष्य बहुत उज्ज्वल है। हम 2036 में ओलंपिक की मेजबानी के लिए तैयार हैं। जब यहां ओलंपिक होंगे तो हमारे खिलाड़ी पदक जीतेंगे और तिरंगे का परचम लहराएंगे। जब नरेंद्र मोदी जी 2014 में प्रधानमंत्री बने थे तब हमारा खेलों का बजट 800 करोड़ रूपये था जो अब 3800 करोड़ रूपये हो गया है । इससे साबित होता है कि मोदी सरकार खेलों को लेकर कितनी प्रतिबद्ध है। 

खेल में हारते नहीं हैं: मनसुख मंडाविया

खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने समापन समारोह में कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने हर प्लेयर्स की छोटी-छोटी चीजों का ख्याल रखा। आने वाले दिनों में देश खेल का हब बने। इसके लिए हमें प्रयास करना होगा। स्पोर्ट्स में कभी हारते नहीं हैं या तो जीतते ही या सीखते हैं। मेडल सिर्फ आपका ही गौरव नहीं बल्कि देश और राज्य का ही गौरव है। 

यह भारत के खेल केंद्र बनने की शुरुआत है। आयोजन स्थल की क्षमता 25,000 है और यह समारोह के लिए खचाखच भरा हुआ था। यह 2036 तक भारत के टॉप-10 ओलंपिक प्रदर्शनकर्ताओं में शामिल होने की शुरुआत है। देश में अब एक खेल पारिस्थितिकी तंत्र है। यह खेल सहित हर पहलू में आगे बढ़ रहा है।

पूरे आयोजन में प्लास्टिक को कम करने का प्रयास किया: पुष्कर सिंह धामी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश के गृहमंत्री अमित शाह की जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने के लिए प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उनके सहयोग से ही हम उत्तराखंड में UCC लागू कर पाए हैं। उन्होंने कहा कि हमने पूरे आयोजन के साथ ही प्लास्टिक को कम करने का प्रयास किया। 

मेडल जीतने में पहले नंबर पर रहा सर्विसेज

पारंपरिक पावरहाउस सर्विसेज स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड पिछले छह खेलों में कुल 121 पदक (68 स्वर्ण, 26 रजत, 27 कांस्य) के साथ पांचवीं बार मेडल टैली में टॉप पर रहा। महाराष्ट्र ने 198 (54 स्वर्ण, 71 रजत, 73 कांस्य) के साथ सर्विसेज से अधिक पदक जीते लेकिन कम स्वर्ण गणना के कारण वह दूसरे स्थान पर रहा। यहां तक ​​कि हरियाणा को 153 (48 स्वर्ण, 47 रजत, 58 कांस्य) के साथ सर्विसेज से अधिक पदक मिले, लेकिन उसे तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। मेजबान उत्तराखंड 24 स्वर्ण, 35 रजत और 44 कांस्य सहित कुल 103 पदकों के साथ सातवें स्थान पर रहा।