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क्या है कम्युनिटी सोलर? बिना छत पर पैनल लगाए मिलेगी Solar से बिजली, कितना आएगा खर्च?

क्या आपने कम्युनिटी सोलर पैनल के बारे में सुना है? अगर नहीं तो बता दें कि इसमें बिना घर की छत पर प्लांट लगाए भी आप भारी-भरकम बिजली के बिल की बचत कर सकते हैं।

Community Solar System- India TV Hindi
Image Source : UNSPLASH कम्युनिटी सोलर सिस्टम

Highlights

  • कम्युनिटी सोलर पैनल को खास तौर पर बड़े अपार्टमेंट्स और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के लिए डिजाइन किया गया है।
  • इसमें लोग अपने घर की छत पर बिना सोलर पैनल लगाए ही बिजली का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • इसके लिए लाइफटाइम या मंथली सब्सक्रिप्शन लेना पड़ता है।

सोलर पैनल से मिलने वाली बिजली को क्लिन एनर्जी के तौर पर जाना जाता है। लोग अपने घरों की छत पर सोलर पैनल लगाकर बिजली के भारी-भरकम बिल से निजात पाते हैं। हालांकि, एक ऐसा सोलर सिस्टम भी है, जिसमें लोगों को अपने घर की छत पर पैनल लगाए बिना सोलर वाली बिजली मिलती है। सरकार भी इसे बढ़ावा दे रही है ताकि डिस्कॉम यानी ट्रेडिशन बिजली की बचत की जा सके।

क्या है कम्युनिटी सोलर सिस्टम?

कम्युनिटी सोलर सिस्टम को अपार्टमेंट, कमर्शियल बिल्डिंग आदि में यूज किया जाता है। इसमें किसी एक व्यक्ति के घर की छत पर सोलर सिस्टम नहीं लगाया जाता है। इसमें बड़ी संख्यां में सोलर पैनल लगाए जाते हैं, जिससे मिलने वाली बिजली को कई घरों में इस्तेमाल किया जाता है। इसे एक साझा सौर उर्जा भी कहा जाता है। इसे एक सोलर डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल के तौर पर यूज किया जाता है। इसमें ऑन ग्रिड सिस्मट की तरह फिजिकल नेट मीटरिंग का यूज नहीं होता है। इसमें वर्चुअल नेट मीटरिंग का इस्तेमाल किया जाता है।

कैसे करता है काम?

इसमें किसी बड़े अपार्टमेंट या कमर्शियल कॉम्पलेक्स में यूज किया जाता है। इसके लिए बड़ा सोलर पावर प्लांट लगाया जाता है, जिससे मिलने वाली बिजली उस अपार्टमेंट या कमर्शियल कम्पलेक्स के कई यूजर्स को सप्लाई किया जाता है। उदाहरण के तौर पर किसी अपार्टमेंट की छत पर 500 किलोवाट का प्लांट लगाया गया है। उस बिल्डिंग में अगर 100 से 150 घर हैं तो इनमें ये बिजली सप्लाई की जा सकती है।

इसमें लोग कम्युनिटी सोलर सिस्टम का सब्सक्रिप्शन लेते हैं। यूजर्स जितनी कैपेसिटी का सब्सक्रिप्शन लेते हैं उतने पैनल द्वारा जेनरेट सोलर एनर्जी को पावरग्रिड में सप्लाई की जाती है। लोगों के घर में इस्तेमाल किए गए कुल बिजली को सोलर पैनल द्वारा पावरग्रिड में भेजे गए बिजली से घटाकर बिल बनाया जाता है। इसमें वर्चुअल नेट मीटरिंग का यूज होता है, जो इस्तेमाल किए गए बिजली और जेनरेट किए गए बिजली को बैलेंस करता है।

Image Source : Unsplashसोलर प्लांट

उदाहरण के तौर पर अगर डिस्कॉम आपको 8 रुपये प्रति यूनिट बिजली का चार्ज करती है और सोलर ग्रिड 6 रुपये प्रति यूनिट में बिजली देता है तो आपको 2 रुपये प्रति यूनिट की बचत होगी, वो भी बिना किसी डिवाइस को खरीदे या छत पर सिस्टम लगाए।

कितना आता है खर्च? 

जिस तरह से घर की छत पर लगाए जाने वाले प्लांट का खर्च कैल्कुलेट होता है, वैसे ही कम्युनिटी सोलर पैनल का भी खर्च आता है। अगर, आपने 3 किलोवाट का सिस्टम सब्सक्राइब करते हैं तो इसके लिए 2 से 2.5 लाख रुपये का खर्च आएगा। वहीं, इसके लिए मंथली प्लान का भी ऑप्शन मिलता है। पीएम सूर्य घर योजना के तहत लोगों को इसमें सब्सिडी भी मिलती है। सोलर पैनल को लेकर हाल ही में सरकार ने नई पॉलिसी भी बनाई है।

कितने की होगी बचत?

बेसिक यूज के लिए अगर आप 2 किलोवाट का कम्युनिटी सोलर का सब्सक्रिप्शन लेते हैं तो आप एक महीने में 1,200 रुपये से लेकर 1,800 रुपये की बचत कर सकते हैं। वहीं, ईयरली आप 14,400 रुपये से लेकर 21,600 रुपये की बचत कर सकते हैं। 5 किलोवाट का सब्सक्रिप्शन लेने पर आपको हर महीने 3,500 रुपये से लेकर 4,500 रुपये की बचत होगी। इस तरह साल के आप 42,000 रुपये से लेकर 54,000 रुपये की बचत कर सकते हैं।

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