बलिया में मडुआ का आटा खाने से 49 लोग बीमार, 3 की हालत गंभीर, डीएम-एसपी पहुंचे अस्पताल
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में जितिया व्रत से ठीक पहले मडुआ (रागी) के आटे की रोटी खाने से महिलाएं और बच्चे अचानक बीमार हो गए। नहाई-खाय के दिन यह आटा खाने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद उन्हें तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में जितिया व्रत से पहले रागी यानी मडुआ के आटे से बनी चीजें खाने के बाद कम से कम 49 लोग बीमार हो गए। इनमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे भी शामिल हैं। यह घटना बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के छाता गांव की बताई जा रही है। प्रशासन ने 49 लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की पुष्टि की है। इनमें तीन महिलाओं की हालत गंभीर बताई गई है।
जिला अस्पताल में 43 मरीज भर्ती
बलिया के जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने जिला अस्पताल पहुंचकर भर्ती मरीजों का हाल जाना। उन्होंने कहा कि यह विषाक्त खाद्यान्न का मामला है। डीएम के मुताबिक आटे का सेवन करने के बाद कुल 49 लोगों के बीमार होने की सूचना है। इनमें 43 मरीज जिला चिकित्सालय में भर्ती हैं। तीन लोगों का इलाज बांसडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में और तीन लोगों का इलाज जिला मुख्यालय के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। सूचना विभाग के अनुसार, तीन महिलाओं की हालत गंभीर है और उनके इलाज के लिए डॉक्टर की स्पेशल टीम लगाई गई है।
रागी के आटे की रोटी खाने के बाद बिगड़ी तबीयत
प्रशासन के अनुसार, बांसडीह तहसील क्षेत्र के चोकन और आसचौरा गांवों में मडुआ के आटे की रोटी खाने के बाद बड़ी संख्या में महिलाओं के बीमार होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों को तुरंत जिला अस्पताल और दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराया। परिजनों के मुताबिक दुकानदार सोनू वर्मा की दुकान से मडुआ का आटा खरीदा गया था। इसी आटे से रोटी बनाई गई और उसे प्रसाद के रूप में बांटा गया। इसके बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी।
कंपकंपी के बाद कुछ महिलाएं हुईं बेहोश
गांव के रहने वाले पंकज कुमार ने बताया कि करीब 30 से 35 महिलाओं और पांच बच्चों ने रागी के आटे से बनी चीजें खाई थीं। इसके बाद उनके शरीर में कंपकंपी होने लगी। कुछ महिलाएं बेहोश भी हो गईं। अस्पताल में भर्ती एक महिला माधुरी ने भी बताया कि रागी के आटे से बनी चीजें खाने के बाद उसकी तबीयत खराब हो गई।
इससे पहले मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. एस. के. यादव ने बताया था कि बीमार महिलाओं को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें करीब 20 महिलाओं का इलाज उस समय जिला अस्पताल में चल रहा था। उन्होंने कहा कि हमारी टीम सक्रिय है और चिंता की कोई बात नहीं है।
डीएम और एसपी ने प्रभावित गांवों का दौरा किया
घटना की जानकारी मिलते ही डीएम ज्ञानेन्द्र सिंह जिला अस्पताल पहुंचे और मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने डॉक्टरों को मरीजों को बेहतर इलाज देने और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करने के निर्देश दिए। गंभीर मरीजों के इलाज के लिए डॉक्टर की स्पेशल टीम बनाई गई है। डीएम ज्ञानेन्द्र सिंह और पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने प्रभावित गांवों का दौरा भी किया। अधिकारियों ने बीमार लोगों के परिजनों से बात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
आटे और खाद्य सामग्री की जांच शुरू
प्रशासन ने घटना की वजह पता लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम और संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजा है। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मडुआ के आटे समेत दूसरी खाद्य सामग्री की जांच की है। डीएम ज्ञानेन्द्र सिंह ने कहा है कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियम के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन प्रभावित इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और मरीजों के इलाज तथा स्वास्थ्य सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
बीजेपी विधायक ने 70 लोगों के बीमार होने का दावा किया
उधर, बांसडीह क्षेत्र की बीजेपी विधायक केतकी सिंह ने जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने दावा किया कि विषाक्त आटे के सेवन से बीमार होने वाले लोगों की संख्या 70 तक हो सकती है। हालांकि, जिला प्रशासन ने फिलहाल 49 लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की औपचारिक पुष्टि की है। इसलिए मरीजों की संख्या को लेकर प्रशासन और विधायक के आंकड़ों में अंतर सामने आया है।
जितिया व्रत से पहले खाई जाती हैं ये चीजें
जितिया को जीवित्पुत्रिका व्रत भी कहा जाता है। यह एक हिंदू त्योहार है, जिसमें माताएं अपने बच्चों की सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं और पूजा करती हैं। व्रत शुरू करने से पहले कई जगहों पर महिलाएं परंपरा के अनुसार रागी यानी मडुआ के आटे से बनी चीजों के साथ सतपुतिया की सब्जी खाती हैं। इसी परंपरा के तहत छाता और आसपास के गांवों में भी रागी के आटे से बनी चीजें तैयार की गई थीं। अब प्रशासन की जांच का मुख्य सवाल यह है कि जिस मडुआ के आटे से ये चीजें बनाई गईं, उसमें आखिर क्या खराबी थी और लोगों के बीमार होने की वजह क्या रही। जांच रिपोर्ट और मरीजों की स्थिति के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
PTI से इनपुट्स के साथ
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