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'साथ आना चाहें तो आ जाएं, पिछली चीजें भूल जाएंगे', अखिलेश यादव के 'मिलन' ऑफर पर आ गया जवाब

अखिलेश यादव के पुराने साथियों से मतभेद भुलाकर साथ आने के बयान पर संजय निषाद ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सपा प्रमुख की पहल को ‘ठगी की चाल’ बताया। यह बयान यूपी के राज्यसभा चुनाव से पहले आया है।

Akhilesh Yadav, Sanjay Nishad, UP Rajya Sabha Election 2026- India TV Hindi
Image Source : PTI समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव।

Highlights

  • अखिलेश यादव ने पुराने साथियों को दिया ऑफर, बोले- राज्यसभा चुनाव मिलन का समय, पुरानी बातें भूल जाएंगे।
  • अब्बास अंसारी की अखिलेश से मुलाकात ने बढ़ाई हलचल, सुभासपा विधायकों को लेकर राजभर की चिंता बढ़ी।
  • राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए सपा को चाहिए अतिरिक्त वोट, क्रॉस वोटिंग पर टिकी सभी की नजरें।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन नेताओं और साथियों के लिए फिर से साथ आने का रास्ता खुला रखने के संकेत दिए हैं, जो पिछले कुछ सालों में पार्टी से अलग होकर दूसरी तरफ चले गए थे। अखिलेश ने कहा कि राज्यसभा चुनाव ‘मिलन का समय’ होता है और अगर कोई साथी फिर से साथ आना चाहता है तो पुरानी कड़वी बातें भुलाई जा सकती हैं।

'जो साथ आना चाहते हैं, उनका स्वागत'

अखिलेश यादव ने कहा,

'राज्यसभा चुनाव का समय मिलन का समय होता है। कड़वी बातें सब भूलकर जो साथी साथ आना चाहते हैं, तो हम सब चीजें भूल जाएंगे।'

उन्होंने कहा कि अगर कोई यह मानता है कि देश के लोकतंत्र, संविधान और अर्थव्यवस्था पर हमला हो रहा है, या पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने के फैसले को गलत मानता है, तो ऐसे मुद्दों पर साथ खड़ा होना चाहिए। अखिलेश ने कहा कि इस मिलन के समय पुरानी शिकायतों को किनारे रखकर साथ आने वाले लोगों से हाथ मिलाया जाएगा।

तीसरी सीट के लिए सपा को चाहिए एक्सट्रा वोट

अखिलेश का यह बयान ऐसे समय आया है, जब सपा राज्यसभा चुनाव में तीसरा उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है। मौजूदा विधानसभा गणित के अनुसार सपा और कांग्रेस के पास दो सीटों के लिए पर्याप्त संख्या है। तीसरी सीट के लिए सपा को अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। मौजूदा गणित में एक राज्यसभा सीट के लिए 37 प्रथम वरीयता वोट चाहिए और सपा-कांग्रेस के पास दो सीटों के बाद तीसरी सीट के लिए 9 अतिरिक्त वोट जुटाने होंगे। इसी वजह से चुनाव में क्रॉस वोटिंग की चर्चा तेज है। सपा के नेताओं ने दावा किया है कि बीजेपी और सहयोगी दलों के कुछ विधायक भी उसके संपर्क में हैं। सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा है कि बीजेपी के कई विधायक 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा के टिकट पर लड़ना चाहते हैं और पार्टी के संपर्क में हैं।

संजय निषाद और राजभर पर भी नजर

अखिलेश यादव के बयान को निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर जैसे नेताओं के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। दोनों नेता पहले सपा के साथ रहे थे, लेकिन बाद में बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ चले गए। राज्यसभा चुनाव के मौजूदा समीकरण में सहयोगी दलों के विधायकों का रुख महत्वपूर्ण हो सकता है। खासकर सुभासपा के 6 विधायक इस गणित में चर्चा में हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर ओम प्रकाश राजभर, हंसू राम, अब्बास अंसारी, दूधराम, बेदीराम और जगदीश नारायण को SBSP के विधायक के रूप में दर्ज किया गया है।

संजय निषाद ने बताया ‘ठगी की चाल’

अखिलेश के ऑफर पर संजय निषाद की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने इस पहल को ठगी की चाल बताया और कहा कि उत्तर प्रदेश की सभी पार्टियां और विधायक अखिलेश यादव की 'चालबाजी' समझते हैं। उन्होंने कहा कि इसलिए कोई उनके साथ जाने वाला नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं को लेकर बीजेपी और उसके सहयोगी दल भी अपने विधायकों को लेकर सतर्क हैं।

अब्बास अंसारी की अखिलेश से मुलाकात

SBSP के विधायक अब्बास अंसारी की 1 अक्टूबर को अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद राज्यसभा चुनाव के समीकरणों को लेकर चर्चा और तेज हो गई। दोनों के बीच लखनऊ में मुलाकात हुई। हालांकि, बैठक में क्या बातचीत हुई, इसका आधिकारिक एजेंडा सामने नहीं आया है। अब्बास अंसारी के अलावा SBSP के कुछ और विधायकों के सपा के करीब होने की चर्चा है। रिपोर्टों में हंसू राम और जगदीश नारायण समेत कुछ विधायकों के नाम सामने आए हैं। हालांकि, अभी इन विधायकों के सपा के साथ होने की कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।

राजभर ने योगी से की विधायकों को लेकर बात

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओम प्रकाश राजभर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर SBSP विधायकों की स्थिति को लेकर चर्चा की है। राजभर ने कहा है कि पार्टी के कुछ विधायक उनके नियंत्रण में नहीं हैं। दूसरी ओर, उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने हंसू राम को मना लिया है। राजभर की पार्टी के विधायकों को लेकर सियासी दावे लगातार सामने आ रहे हैं। ओम प्रकाश राजभर ने आरोप लगाया है कि अखिलेश यादव उनकी पार्टी के कुछ विधायकों को धमका रहे हैं, डरा रहे हैं और पैसे का लालच दे रहे हैं।

बीजेपी नेता ने भी अखिलेश पर साधा निशाना

अब्बास अंसारी की अखिलेश यादव से मुलाकात पर बीजेपी नेताओं की प्रतिक्रिया भी आई है। बीजेपी के MLC सुभाष यदुवंश ने अखिलेश पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जिन लोगों ने डिंपल यादव को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं, अब उन्हें वोट के लिए साथ लाने की कोशिश की जा रही है। यदुवंश ने अखिलेश की राजनीति और उनके फैसलों पर सवाल उठाए।

धनराज नाथवानी के नाम से अखिलेश ने चौंकाया

सपा ने 30 सितंबर को राज्यसभा चुनाव के लिए राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी को उम्मीदवार बनाया था। दोनों ने लखनऊ में नामांकन भी दाखिल किया। धनराज नाथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े वरिष्ठ कॉरपोरेट अधिकारी हैं और उनके पिता परिमल नाथवानी भी राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं। धनराज नाथवानी को उम्मीदवार बनाए जाने को सपा के इस चुनाव में एक अलग राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा गया। उनके पिता परिमल नाथवानी झारखंड से राज्यसभा सदस्य हैं।

यूपी विधानसभा का मौजूदा गणित क्या है?

आगरा की फतेहाबाद सीट से बीजेपी विधायक छोटेलाल वर्मा के निधन के बाद विधानसभा की प्रभावी संख्या में बदलाव हुआ है। मौजूदा आंकड़ों के अनुसार बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन के पास 288 विधायक हैं। इसमें बीजेपी के 255, अपना दल (सोनेलाल) के 13, राष्ट्रीय लोक दल के 9, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के 6 और निषाद पार्टी के 5 विधायक शामिल हैं। सपा-कांग्रेस के पास 103 विधायक हैं, जिनमें सपा के 101 विधायक शामिल हैं। जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के 2 विधायक हैं और 3 निर्दलीय विधायक भी हैं। मौजूदा प्रभावी विधानसभा संख्या के आधार पर एक राज्यसभा उम्मीदवार के लिए 37 प्रथम वरीयता वोट की जरूरत है।

16 अक्टूबर को होगा मतदान, उसी दिन मतगणना

निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक, उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होगा। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 6 अक्टूबर है। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और उम्मीदवार 9 अक्टूबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। 16 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा और इसी दिन मतगणना भी की जाएगी। इन 10 सीटों को लेकर भाजपा और सपा के बीच संख्या बल के साथ-साथ संभावित क्रॉस वोटिंग पर भी नजर है।

राज्यसभा चुनाव में अब असली मुकाबला नंबर गेम का

कुल 10 सीटों के चुनाव में मौजूदा विधानसभा गणित के मुताबिक बीजेपी नेतृत्व वाला गठबंधन 7 सीटों के लिए पर्याप्त संख्या रखता है, जबकि सपा-कांग्रेस 2 सीटों के लिए पर्याप्त संख्या में हैं। ऐसे में अतिरिक्त सीट के लिए दोनों खेमों को अपने मौजूदा समर्थन से आगे जाना होगा।

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