आर्यनगर सीट पर सपा के अमिताभ बाजपेयी लगाएंगे जीत की हैट्रिक या BJP करेगी वापसी? समझिए UP चुनाव 2027 के समीकरण
कानपुर की आर्यनगर विधानसभा सीट पर सपा के अमिताभ बाजपेयी के सामने अपना किला बचाने की चुनौती है, जबकि BJP इस सीट पर वापसी करना चाहती है। समझिए UP चुनाव 2027 में आर्यनगर सीट पर क्या सियासी समीकरण बन रहे हैं।

यूपी के कानपुर की आर्यनगर विधानसभा सीट का सियासी इतिहास सपा, BJP और BSP के बीच बदलते सियासी दबदबे की कहानी है। आर्यनगर कानपुर लोकसभा का हिस्सा है। आर्यनगर सीट की विधानसभा संख्या 287 है। आर्यनगर सीट पर 1991 से 2022 तक हुए 8 विधानसभा चुनावों में सपा ने 5, BJP ने 2 और BSP ने 1 बार जीत दर्ज की। पिछले 3 दशकों में कांग्रेस को यहां एक बार भी जीत नसीब नहीं हुई। अभी सपा के अमिताभ बाजपेयी आर्यनगर सीट से विधायक हैं। उनके पास जीत की हैट्रिक लगाने का मौका है। समझिए आर्यनगर सीट का पिछले 3 दशकों का सियासी इतिहास क्या है और 2027 के चुनाव में यहां क्या राजनीतिक समीकरण बनने वाले हैं।
1991 में बीजेपी को आर्यनगर में मिली पहली जीत
1991 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो इसमें BJP के सत्यदेव पचौरी ने 29,964 वोट पाकर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी और IML के प्रत्याशी मोहम्मद सुलेमान को 10,105 वोटों के अंतर से हरा दिया था। मोहम्मद सुलेमान 19,859 वोट ही हासिल कर पाए थे। इस इलेक्शन में कांग्रेस के उम्मीदवार एसएम उस्मान तीसरे नंबर पर रहे थे। उन्हें 8,222 वोट मिले थे।
1993 में बीएसपी-सपा ने मिलकर पलट दी बाजी
हालांकि, 1993 में आर्यनगर में बाजी पलट गई थी। इस बार बीएसपी के महेश चंद्र ने 45,981 वोट पाकर जीत अपने नाम कर ली थी। इस चुनाव में सपा और बीएसपी का गठबंधन था। बीजेपी के सत्यदेव पचौरी दूसरे नंबर पर खिसक गए थे और उन्हें 40,913 वोट मिले थे। महेश चंद्र 5,068 वोटों के अंतर से जीते थे। कांग्रेस इस बार फिर से तीसरे नंबर पर रही थी। उसके प्रत्याशी हाफिज मोहम्मद उमर को 7,300 वोट मिले थे।
1996 में सपा ने करीबी मुकाबले में हासिल की जीत
1996 के चुनाव में सपा ने आर्यनगर की विधानसभा सीट पर कब्जा जमाया था। सपा के मुश्ताक सोलंकी ने 39,531 वोट हासिल करके बीजेपी के सत्यदेव पचौरी को 2,562 वोटों के करीबी अंतर से मात दी थी। सत्यदेव पचौरी को 36,969 वोट मिले थे। 1991 से लेकर 2022 तक हुए 8 विधानसभा चुनावों में आर्यनगर सीट पर यह जीत वोटों के लिहाज से सबसे छोटी थी। बीएसपी इस चुनाव में तीसरे नंबर पर रही थी और उसके उम्मीदवार जियाउल इस्लाम जिया को 17,036 वोट मिले थे।
2002 में मुश्ताक सोलंकी लगातार दूसरी बार जीते
2002 में समाजवादी पार्टी के मुश्ताक सोलंकी ने लगातार दूसरी जीत दर्ज की थी। उन्हें 46,448 वोट मिले थे, जबकि बीजेपी के प्रत्याशी अनंत मिश्र अंटू ने 19,132 वोट पाए थे। मुश्ताक सोलंकी ने 27,316 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। इस चुनाव में कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही थी और उसके उम्मीदवार भूधर नारायण मिश्र को 12,920 मत मिले थे। BSP इस चुनाव में चौथे नंबर पर खिसक गई थी। उसके प्रत्याशी रजनीश तिवारी को 4,490 वोट मिले थे।
2007 में इरफान सोलंकी ने संभाली पिता की विरासत
2006 में मुश्ताक सोलंकी के निधन के बाद विधानसभा चुनाव 2007 में सपा ने उनके बेटे इरफान सोलंकी को उम्मीदवार बनाया था। सपा के प्रत्याशी इरफान सोलंकी को जनता ने 36,376 वोट दिए थे और उन्होंने बीजेपी के हरीश मटरेजा को 23,203 वोटों के अंतर से हरा दिया था। हरीश मटरेजा 13,173 वोट ही हासिल कर सके थे। इस जीत के साथ ही सपा ने आर्यनगर में जीत की हैट्रिक लगा दी थी। कांग्रेस के पवन गुप्ता 9,636 वोट पाकर तीसरे नंबर पर रहे थे, जबकि BSP के सुनील बाबू को 7,788 वोटों के साथ चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा था।
| वर्ष | विजेता | पार्टी | वोट | रनरअप | पार्टी | वोट | जीत का अंतर |
| 1991 | सत्यदेव पचौरी | बीजेपी | 29,964 | मोहम्मद सुलेमान | IML | 19,859 | 10,105 |
| 1993 | महेश चंद्र | बीएसपी | 45,981 | सत्यदेव पचौरी | बीजेपी | 40,913 | 5,068 |
| 1996 | मुश्ताक सोलंकी | सपा | 39,531 | सत्यदेव पचौरी | बीजेपी | 36,969 | 2,562 |
| 2002 | मुश्ताक सोलंकी | सपा | 46,448 | अनंत मिश्र अंटू | बीजेपी | 19,132 | 27,316 |
| 2007 | इरफान सोलंकी | सपा | 36,376 | हरीश मटरेजा | बीजेपी | 13,173 | 23,203 |
| 2012 | सलिल विश्नोई | बीजेपी | 51,200 | जितेंद्र बहादुर सिंह | सपा | 35,789 | 15,411 |
| 2017 | अमिताभ बाजपेयी | सपा | 70,993 | सलिल विश्नोई | बीजेपी | 65,270 | 5,723 |
| 2022 | अमिताभ बाजपेयी | सपा | 76,897 | सुरेश अवस्थी | बीजेपी | 68,973 | 7,924 |
(Source- Election Commission Of India)
सलिल विश्नोई ने 2012 में कराई BJP की वापसी
2008 में परिसीमन के बाद जब 2012 में विधानसभा चुनाव हुए तो बीजेपी के सलिल विश्नोई ने सपा का विजय रथ रोक दिया था। सलिल विश्नोई को 51,200 वोट मिले थे, जबकि सपा के जितेंद्र बहादुर सिंह 35,789 वोटों पर सिमट गए थे। सलिल विश्नोई ने 15,411 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। कांग्रेस के अनिल कुमार शर्मा तीसरे नंबर पर रहे थे और उन्हें 19,345 वोट मिले थे। BSP ने कैलाश शर्मा को उम्मीदवार बनाया था, जो 12,797 वोट ही पा सके थे।
2017 में सपा ने फिर BJP से छीन ली आर्यनगर सीट
2017 में सपा ने एक बार फिर से बीजेपी से सीट छीन ली थी। सपा ने इस बार अमिताभ बाजपेयी को चुनावी मैदान में उतारा था और वह 70,993 वोट पाकर 5,723 मतों के अंतर से जीत गए थे। सलिल विश्नोई 65,270 वोट ही हासिल कर सके थे। बीएसपी का प्रदर्शन इस चुनाव में और भी खराब हो गया था। बीएसपी उम्मीदवार ए. हसीव को जनता ने 6,061 वोट ही दिए थे। पूरे प्रदेश में सपा के साथ गठबंधन के बावजूद कांग्रेस ने इस सीट पर अपना प्रत्याशी उतारा था। कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद कुमार जायसवाल चौथे नंबर पर रहे थे और उन्हें 1,596 वोट मिले थे।
अमिताभ बाजपेयी ने बीजेपी प्रत्याशी को दोबारा दी मात
विधानसभा चुनाव 2022 में अमिताभ बाजपेयी ने आर्यनगर सीट पर लगातार दूसरी जीत अपने नाम की। अमिताभ बाजपेयी को इस बार जनता ने 76,897 वोट दिए थे, जबकि बीजेपी के सुरेश अवस्थी 68,973 वोटों पर सिमट गए थे। सपा की जीत 7,924 वोटों के अंतर से हुई थी। कांग्रेस के प्रमोद कुमार जायसवाल इस बार तीसरे नंबर पर रहे थे। उन्हें 3,309 वोट मिले थे। बीएसपी इस चुनाव में चौथे नंबर पर खिसक गई थी। उसके प्रत्याशी आदित्य जायसवाल को 1,387 वोट मिले थे।
आर्यनगर में 2027 में क्या हैं सियासी समीकरण?
आर्यनगर के सामाजिक समीकरणों की बात करें तो यहां मुस्लिम, वैश्य और ब्राह्मण समाज के मतदाता निर्णायक संख्या में हैं। आर्यनगर सीट पर 2027 के चुनाव में सपा के सामने जीत की हैट्रिक लगाने की चुनौती है, जबकि बीजेपी इस सीट को दोबारा छीनना चाहती है। विधानसभा चुनाव 2027 में प्रत्याशियों का चयन, लोकल मुद्दे और जातीय गोलबंदी नतीजे प्रभावित कर सकते हैं। विधानसभा चुनाव 2027 में एक तरफ बीजेपी होगी और दूसरी तरफ सामने सपा और कांग्रेस के गठबंधन की चुनौती होगी। पिछले कुछ चुनावों से BSP टक्कर देने या चुनाव को त्रिकोणीय बनाने की स्थिति में नहीं दिखी है।
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