उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले की एक विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। 32 साल पुराने तिहरे हत्याकांड में पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है। पेड़ से महिला को बांधकर उसके सामने ही आरोपियों ने पति, बेटे और दामाद की हत्या कर दी थी। इस तिहरे हत्याकांड पर बहराइच जिले की एक विशेष अदालत ने शनिवार को पांचों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
कोर्ट ने इन 5 लोगों को ठहराया दोषी
विशेष न्यायाधीश (SC-ST अधिनियम) पवन कुमार शर्मा की अदालत ने महावीर, गिरधारी, विजयराज, गरीबे और राधेश्याम को दोषी ठहराया है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर एक लाख 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की आधी राशि पीड़ित परिवार को देने का आदेश दिया है। जुर्माना नहीं देने पर दोषियों को छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
हत्या के लिए घर में घुसे थे ये लोग
अभियोजन के अनुसार, नानपारा कोतवाली क्षेत्र के चौवाइनपुरवा गांव में 31 जुलाई 1994 को श्यामलाल, रामफल, गोपी, ढोढ़े, गिरधारी, महावीर, विजयराज, गरीबे और राधेश्याम एक घर में घुस गए थे। आरोपियों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला किया था, जिसमें चिरकू, उनके बेटे संतराम और दामाद मायाराम की मौत हो गई थी। मामले में चिरकू की पत्नी सुमित्रा देवी की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
महिला को पेड़ पर बांधा
अभियोजन के मुताबिक, सुमित्रा देवी ने पुलिस को बताया था कि वह अपने पति को बचाने के लिए आगे बढ़ीं तो हमलावरों ने उन्हें पेड़ से बांध दिया। उनकी आंखों के सामने उनके पति, बेटे और दामाद की हत्या कर दी। इसके बाद से गांव में हड़कंप मच गया। पूरा जिले इस तिहरे हत्याकांड से सिहर गया था।
5 दोषियों में 4 की पहले ही हो चुकी मौत
पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे एक सरकारी वकील ने बताया कि सुनवाई के दौरान चार आरोपियों श्यामलाल, रामफल, गोपी और ढोढ़े की मृत्यु हो गई। इसके बाद उनके खिलाफ कार्यवाही समाप्त कर दी गई। शनिवार देर शाम अदालत परिसर में मौजूद पीड़ित पक्ष के परिजनों ने फैसले पर संतोष जताया। (भाषा के इनपुट के साथ)
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