कानपुर: नगर निगम में महापौर और पार्षदों के बीच चल रही खींचतान के बीच सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब वार्ड-37 अशोक नगर के भाजपा पार्षद पवन गुप्ता ने नगर निगम मुख्यालय में खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। क्षेत्र में विकास कार्य नहीं होने और अधिकारियों पर प्रस्तावों की फाइलें दबाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने उस्तरे से अपने हाथ की नस काटने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद साथी पार्षदों ने समय रहते उन्हें रोक लिया और उनके हाथ से उस्तरा छीन लिया। घटना के बाद नगर निगम मुख्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पार्षद विकास जायसवाल और लक्ष्मी कोरी ने बीच-बचाव कर स्थिति संभाली। बताया गया कि दोनों पार्षदों ने पवन गुप्ता को समझाने का प्रयास किया।
एक्सईएन से फाइलों को लेकर हुई तीखी बहस
जानकारी के मुताबिक, सोमवार दोपहर करीब तीन बजे पवन गुप्ता मोतीझील स्थित नगर निगम मुख्यालय पहुंचे थे। यहां उन्होंने जोन-1 के अधिशासी अभियंता आलोक श्रीवास्तव से अपने वार्ड में प्रस्तावित विकास कार्यों की लंबित फाइलों को लेकर जानकारी मांगी। इसी दौरान बातचीत बढ़ते-बढ़ते तीखी बहस में बदल गई। पार्षद का आरोप था कि क्षेत्र में विकास कार्यों के प्रस्ताव देने के बावजूद अधिकारी फाइलों को आगे नहीं बढ़ा रहे हैं। इसी नाराजगी में उन्होंने जेब से उस्तरा निकाल लिया और अपने हाथ की नस काटने का प्रयास किया। घटनाक्रम देखकर अधिशासी अभियंता वहां से चले गए। वहीं, आसपास मौजूद पार्षदों और कर्मचारियों ने तत्काल हस्तक्षेप कर उन्हें रोक लिया।
तीन साल बाद भी नहीं बना ब्रह्मनगर चौराहा
पवन गुप्ता ने क्षेत्र में विकास कार्यों की धीमी रफ्तार को लेकर नगर निगम प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि ब्रह्मनगर चौराहे के धंसने के करीब तीन साल बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। लंबे समय से समस्या बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसी तरह 80 फीट रोड पर करीब चार महीने पहले नाला धंस गया था। पार्षद के मुताबिक, नाले का निर्माण तो करा दिया गया, लेकिन सड़क की मरम्मत अब तक पूरी नहीं हुई है। इसके चलते स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पवन गुप्ता का कहना है कि दीपावली जैसे त्योहार के दौरान भी क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। विकास कार्य पूरे नहीं होने से स्थानीय लोग उनसे सवाल करते हैं। कई बार लोग उनका घेराव कर काम नहीं होने का जवाब मांगते हैं। ऐसे में जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्हें जनता के बीच असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
महापौर और उनके बेटे पर लगाए आरोप
भाजपा पार्षद ने महापौर प्रमिला पांडेय और उनके बेटे अमित पांडेय पर भी आरोप लगाए। उनका दावा है कि नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी उनके इशारे पर काम कर रहे हैं। इसी वजह से उनके वार्ड में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव दिए जाने के बावजूद अधिकारी फाइलों को इधर-उधर कर लंबित रखते हैं। नगर आयुक्त से कई बार शिकायत करने के बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। पार्षद ने जोनल अधिकारी राजेश सिंह और जोन-4 की अधिशासी अभियंता मीनाक्षी अग्रवाल पर भी शिकायतों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
कार्रवाई नहीं हुई तो फिर उठाएंगे कदम
पवन गुप्ता ने कहा कि जनता के काम नहीं हो पा रहे हैं और बार-बार शिकायत के बावजूद अधिकारियों की कार्यशैली में सुधार नहीं हो रहा है। इसी दबाव और नाराजगी के चलते वह इस हद तक पहुंच गए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई और क्षेत्र के विकास कार्य शुरू नहीं कराए गए तो वह आगे भी कोई ठोस कदम उठाएंगे। नगर निगम मुख्यालय में हुई इस घटना ने एक बार फिर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच बढ़ती खींचतान को सामने ला दिया है। अब देखना होगा कि नगर निगम प्रशासन पार्षद की शिकायतों पर क्या कार्रवाई करता है और लंबे समय से लंबित विकास कार्यों को कब तक पूरा कराया जाता है। (इनपुट- अनुराग श्रीवास्तव)
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