कानपुर की सड़कों पर चली नाव, जलभराव के खिलाफ कांग्रेस नेताओं ने किया अनोखा प्रदर्शन
तेज बारिश और नालियों के जाम होने के कारण दक्षिणी इलाके में भारी पानी भर गया है। इससे लोगों के घरों और दुकानों के भीतर तक पानी घुस गया, जिससे पैदल चलने वालों और गाड़ी चालकों दोनों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

उत्तर प्रदेश के कानपुर में बारिश के बाद शहर में हुए भीषण जलभराव की समस्या को लेकर आज कांग्रेस नेताओं ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कानपुर दक्षिण के गोविंद नगर इलाके में बारिश के बाद सड़क पर जमा पानी के बीच कांग्रेस नेता विकास अवस्थी और प्रभाकर पांडे ने नाव चलाकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया, इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस के नेताओं ने यह संदेश देने की कोशिश की कि शहर की सड़कें अब वाहनों के आवागमन के बजाय नाव चलाने लायक हो गई हैं। इसके साथ ही उन्होंने कानपुर नगर निगम पर जमकर हमला बोला ।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कानपुर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, स्मार्टसिटी के लिए बड़े बड़े विज्ञापन प्रकाशित कराए जाते है, लेकिन बारिश होते ही शहर के कई प्रमुख इलाकों की स्थिति बदहाल हो जाती है। गोविंद नगर में जलभराव की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। उनका कहना है कि मामूली बारिश के बाद भी सड़कों पर इतना पानी भर जाता है कि राहगीरों, वाहन चालकों और दुकानदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
सड़क पर नाव उतारकर जताया विरोध
कांग्रेस नेता विकास अवस्थी और प्रभाकर पांडे ने जलभराव वाली सड़क पर नाव चलाकर प्रशासन का ध्यान समस्या की ओर खींचने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने सरकार और नगर निगम के खिलाफ जमकर अपनी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि जब सड़कें पानी में डूब जाती हैं तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि शहर में जलनिकासी व्यवस्था को लेकर किए गए दावों का असर जमीन पर क्यों दिखाई नहीं देता। बड़े बड़े जिम्मेदार अफ़सर अपने अपने एसी केबिन से बाहर नही निकलते हैं, जबकि कानपुर नगर आयुक्त को हाल में ही मुख्यमंत्री ने उनके कार्यो में लापरवाही को लेकर जमकर फटकार लगाई थी । जिसकी चर्चा कई सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी देखी गयी थी। विकास अवस्थी ने कहा कि गोविंद नगर जैसे प्रमुख इलाके में पिछले करीब दस वर्षों से जलभराव की समस्या बनी हुई है। बारिश के बाद कई घंटों तक सड़कें पानी में डूबी रहती हैं। इससे आम लोगों को आवागमन में परेशानी होती है और व्यापार पर भी सीधा असर पड़ता है।
जलभराव से कारोबार प्रभावित होने का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि गोविंद नगर में जलभराव के कारण व्यापारियों को लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है। दुकानों के सामने पानी जमा होने से ग्राहक बाजार तक पहुंचने से बचते हैं। कई बार सड़क पर पानी का स्तर इतना बढ़ जाता है कि वाहन निकालना भी मुश्किल हो जाता है। स्थानीय व्यापारियों की परेशानी का हवाला देते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लंबे समय से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने के कारण कारोबार प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि बारिश के बाद पानी निकालने में कई घंटे लग जाते हैं, जिससे लोगों की दिनचर्या और व्यापार दोनों प्रभावित होते हैं।
स्मार्ट सिटी के दावों पर उठाए सवाल?
कांग्रेस नेताओं ने स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत खर्च किए जा रहे धन को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि शहर के विकास और जलभराव से निजात दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च होने की बात कही जाती है, लेकिन बारिश के दौरान जमीनी स्थिति इन दावों पर सवाल खड़े करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ घंटों की बारिश के बाद ही सड़कें जलमग्न हो जाती हैं और पानी की निकासी में चार से पांच घंटे तक का समय लग जाता है। ऐसे में लोगों को जलभराव से राहत देने के लिए केवल अस्थायी इंतजाम के बजाय स्थायी समाधान की जरूरत है।
मेयर और नगर निगम के दावों पर भी निशाना
कांग्रेस नेताओं ने शहर की मेयर प्रमिला पांडे और नगर निगम प्रशासन पर भी निशाना साधा। उनका कहना है कि जलभराव से निजात दिलाने और बेहतर जलनिकासी व्यवस्था के दावे लगातार किए जाते हैं, लेकिन गोविंद नगर समेत कई इलाकों में बारिश के दौरान हालात अलग तस्वीर पेश करते हैं। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए। नालों की सफाई, जलनिकासी व्यवस्था और सड़क के स्तर से जुड़े कार्यों की प्रभावी तरीके से समीक्षा की जाए, ताकि बारिश के बाद लोगों को घंटों पानी के बीच न रहना पड़े।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जलभराव की समस्या पर जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। नाव चलाकर किया गया यह प्रदर्शन फिलहाल राजनीतिक विरोध का एक प्रतीक बना, लेकिन इसके जरिए नेताओं ने शहर की बदहाल जलनिकासी व्यवस्था और बारिश के दौरान सामने आने वाली जमीनी समस्याओं को प्रमुखता से उठाने की कोशिश की।
कानपुर से संवाददाता अनुराग श्रीवास्तव की रिपोर्ट
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