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बेटी को एक और बच्ची हुई तो मां ने अस्पताल में ही मार डाला, नातिन की हत्या के जुर्म में मिली उम्रकैद

बुलंदशहर की अदालत ने नवजात नातिन की हत्या करने के अपराध में एक महिला को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह हृदय विदारक घटना 13 जुलाई 2023 को हुई थी।

प्रतीकात्मक फोटो- India TV Hindi
Image Source : REPRESENTATIVE IMAGE प्रतीकात्मक फोटो

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले की एक अदालत ने अपनी नवजात नातिन की गला दबाकर हत्या करने के जघन्य अपराध में एक महिला को मंगलवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक अदालत- तृतीय) शिवानंद ने आरोपी नानी मीना को दोषी करार देते हुए उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता ध्रुव कुमार वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि यह हृदय विदारक घटना स्याना कस्बे के कैथवाला मोहल्ले में 13 जुलाई 2023 को हुई थी। दानिश की सास मीना ने 11 जुलाई 2023 को जन्मी अपनी नवजात नातिन की अस्पताल में ही गला दबाकर हत्या कर दी थी।

एक और नातिन होने पर सता रहा था डर

पूछताछ के दौरान मीना ने पुलिस को बताया था कि उसकी बेटी को एक और पुत्री पैदा होने की वजह से उसे यह डर सता रहा था कि कहीं इसकी वजह से उसका दामाद दूसरी शादी न कर ले। इसी आशंका के चलते उसने अपनी ही नातिन की हत्या जैसा क्रूर कदम उठाया।

इस संबंध में स्याना थाने में तत्काल मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान मंगलवार को अपर जिला न्यायाधीश शिवानंद ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मीना को अपनी नातिन की हत्या का दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

हत्या के जुर्म में 7 लोगों को आजीवन कारावास

एक अन्य खबर में यूपी के मुजफ्फरनगर की एक अदालत ने ओंकार सिंह हत्याकांड में 7 आरोपियों को दोषी करार देते हुए मंगलवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। शासकीय अधिवक्ता नीरज कांत मलिक ने बताया कि जिले में मीरापुर थाना क्षेत्र के रसूलपुर गढ़ी गांव में एक मार्च 2023 को ओंकार सिंह नामक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और उसके घर में आग भी लगा दी गई थी। इस मामले में सूर्यकांत, दीपक, प्रिंस, उसके रिश्तेदार प्रमोद, उसके बेटों- दीपक और अंकुर समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। 

मुकदमे में आरोप लगाया गया था कि ओंकार सिंह के बेटे अंकित ने प्रिंस की बहन प्रीति से उसके परिवार की मर्जी के बगैर प्रेम विवाह कर लिया था, जिससे नाराज होकर आरोपियों ने ओंकार की गोली मारकर हत्या कर दी थी और उसके घर में आग लगा दी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रितेश सचदेवा ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सातों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई तथा उनपर 17-17 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। (इनपुट- भाषा)

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