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गर्लफ्रेंड के साथ चाऊमीन खा रहा था लड़का, माता-पिता ने देखा तो सड़क पर ही कर दी पिटाई

कानपुर में शुक्रवार को एक विचित्र घटना देखने को मिली। दरअसल यहां एक प्रेमी जोड़ा सड़क पर चाऊमीन खा रहा था। इसी दौरान उनके माता पिता वहां पहुंच गए और दोनों की जमकर कुटाई कर दी गई। इसका वीडियो भी सामने आया है।

Caught eating chowmein with girlfriend Kanpur youth thrashed by parents in public see viral Video- India TV Hindi
Image Source : SOCIAL बेटे की मां ने कर दी पिटाई

कानपुर में शुक्रवार शाम को एक नाटकीय दृश्य देखने को मिला, जब 21 वर्षीय एक व्यक्ति और उसकी 19 वर्षीय प्रेमिका को उसके माता-पिता ने सार्वजनिक रूप से पीट दिया, क्योंकि वे एक ऐसे रिश्ते में थे, जिसे वे पसंद नहीं करते थे। यह घटना गुजैनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत रामगोपाल चौराहा पर देखने को मिली। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, प्रेमी जोड़े की पहचान रोहित और उसकी प्रेमिका के रूप में हुई है। रोहित और उसकी प्रेमिका सड़क किनारे एक दुकान पर चाऊमीन खा रहे थे। इसी दौरान रोहित के माता-पिता शिवकरण और सुशीला वहां पहुंचे। 

माता पिता ने बच्चों पर किया हमला

इस दौरान जब प्रेमी जोड़े के माता पिता ने दोनों को साथ में देखा तो वो गुस्सा हो गया। इस दौरान सुशीला ने अपने बेटे और उसकी गर्लफ्रेंड को भी पीटा, उसे बालों से घसीटा। इस दौरान जब दोनों ने स्कूटी से भागने का प्रयास किया तो सुशीला ने उनकी वहां भी पिटाई कर दी। इस दौरान रोहित के पिता ने भी उसे चप्पल और थप्पड़ मारे। प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि दंपत्ति चौराहे के पास स्थापित अनाधिकृत स्टॉल के पीछे अक्सर मिलते थे। इस दौरान लोगों का ध्यान उनपर जाने लगा। जब यह मामला पूरी तरह से सार्वजनिक हुआ तो वहां सैकड़ों लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई, जिसमें कुछ राहगीरों के भी कथित तौरपर युवक पर हमला करने का आरोप है।

क्या बोले पुलिस अधिकारी

पुलिस कुछ ही देर बाद मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग करने में कामयाब रही। अधिकारियों ने एक बयान में कहा, "इस मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों को काउंसलिंग के बाद अलग कर दिया है और आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।" गुजैनी थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच अभी चल रही है। वहीं इस बीच जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा, "मेरा नाम प्रशांत किशोर है। मैं कोई राजनीतिक नेता नहीं हूं। मैं बिहार के एक साधारण परिवार का बेटा हूं। मेरे दादाजी बिहार में बैलगाड़ी चलाते थे, वो मजदूर थे। मेरे पिता सरकारी डॉक्टर थे। लोग मुझे बताते हैं कि पिछले 10 सालों में मैंने जिसका भी हाथ थामा, जिसको भी सलाह दी वो जीत कर राजा बन गया। लेकिन 10 साल तक ऐसा करने के बाद मैंने 3 साल पहले काम छोड़ दिया।"