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लखनऊ में CBI के ASI पर धनुष-बाण से हमला, आरोपी गिरफ्तार, जानें पूरा मामला

लखनऊ में सीबीआई कार्यालय के बाहर एक व्यक्ति ने एएसआई पर धनुष-बाण से हमला कर दिया। आरोपी दिनेश मुर्मू को लगता है कि उसका मामला सीबीआई में चल रहा है। वह मानसिक रोगी प्रतीत हो रहा है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।

CBI ASI attacked with bow and arrow in Lucknow accused arrested know the whole matter- India TV Hindi
Image Source : FILE PHOTO प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक विचित्र मामला देखने को मिला है। यहां हजरतगंज इलाके में में स्थित केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई के कार्यालय के सामने तैनात एक सहायक अपनिरीक्षक (एएसआई) पर ए व्यक्ति ने धनुष और बाण से हमला कर दिया। इस हमले में एएसआई घायल हो गया। शनिवार को पुलिस ने इस घटना की जानकारी दी। पुलिस ने कहा कि हमला करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। घायल सीबीआई अधिकारी ने 1993 में रेलवे में भ्रष्टाचार से संबंधित एक मामले की जांच की थी, जिसके बाद आरोपी को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। 

हजरतगंज में एएसआई पर धनुष-बाण से हमला

हजरतगंज कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) विक्रम सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि नवल किशोर मार्ग पर स्थित सीबीआई दफ्तर के बाहर बिहार के मुंगेर के निवासी दिनेश मुर्मू (65) ने एएसआई वीरेंद्र सिंह पर धनुष बाण से हमला कर दिया, जिसकी वजह से एएसआई को सीने में चोट लगी है। उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास से संबंधित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी से पूछताछ की गई है और शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा। 

क्या है मामला?

बता दें कि एसएचओ ने बताया कि सीबीआई अधिकारी ने साल 1993 में रेलवे भ्रष्टाचार से संबंधित एक मामले की जांच की थी, जिसके बाद रेलवे में गैंगमैन रहे आरोपी मुर्मू को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि आरोपी मानसिक रोगी प्रतीत हो रहा है। इस हमले में घायल सीबीआई के एएसआई को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनका जख्म करीब 5 सेमी गहरा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी मुर्मू को यह लगता है कि उसका मामला अब भी सीबीआई में चल रहा है, इसलिए वह इसके दफ्तर पर चक्कर लगाता रहता था। सूत्रों ने बताया कि वह 2005 में सीबीआई अधिकारी मिलने दिल्‍ली पहुंचा था और उसने किसी पुलिसकर्मी पर हमला बोल दिया था जिसके बाद उसे जेल भेजा गया था। साल 2015 में जौनपुर रेलवे स्टेशन पर भी जीआरपी के एक जवान से विवाद के बाद भी उसे गिरफ्तार किया गया था।

(इनपुट-भाषा)