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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह फर्जीवाड़ा: सरकारी पैसे के लिए भाई-बहन बने दूल्हा-दुल्हन, मिलकर भैंस खरीदने का था प्लान

असमा अपने भाई के साथ मिलकर भैंस खरीदना चाहती थी। इसी वजह से उसने दूसरी शादी करने का फैसला किया, लेकिन उसके ससुर मौके पर पहुंच गए और पूरा खेल खराब कर दिया।

CM mass marriage- India TV Hindi
Image Source : X/@KSTANWARMP मुख्यमंत्री सामूहिक विवाद

उत्तर प्रदेश के अमरोहा में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में फर्जीवाड़े की बात सामने आई है। यहां असमा नाम की एक महिला ने दोबारा शादी की पूरी तैयारी कर ली थी और पहले पति को तलाक भी नहीं दिया था। महिला के ससुर मौके पर पहुंच गए और शादी रुकवाई। वहीं, दूसरे मामले में एक लड़की का दूल्हा नहीं आया तो उसकी शादी तीन बच्चों के पिता के साथ करा दी गई। 

कुछ रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि पहले 335 जोड़ों की शादी होनी थी, लेकिन असमा के खुलासे के बाद सभी जोड़ों के दस्तावेजों की जांच शुरु हुई। ऐसे में 145 जोड़े भाग गए। अंत में सिर्फ 190 जोड़ों की शादी कराई गई।

क्या है असमा का मामला?

हसनपुर के सोंहत गांव की रहने वाली असमा की शादी 2022 में जयतौली निवासी नूर मोहम्मद से हुई थी। शुरुआत में सब ठीक था, लेकिन बाद में दोनों के बीच अनबन रहने लगी। ऐसे में असमा छह महीने पहले अपने मायके आ गई थी। इस बीच जब उसे मुख्यमंत्री सामूहिक विवाद के बारे में पता चला तो सरकारी लाभ लेने के लिए उसने अपने चचेरे भाई जबेर अहमद के साथ शादी का प्लान बनाया।

असमा और जबेर ने शादी के बाद मिलने वाले सामान के बंटवारे का फॉर्मूला भी तैयार कर लिया था। मुख्यमंत्री सामूहिक शादी में यूपी सरकार नवविवाहित जोड़े को एक डिनर सेट, दूल्हा-दुल्हन के लिए दो जोड़ी कपड़े, एक दीवार घड़ी, एक वैनिटी किट, एक दुपट्टा, चांदी की अंगूठियां, पायल  और एक लंच बॉक्स देती है। इसके साथ ही 35000 रुपये दिए जाते हैं। असमा इन पैसों से भैंस खरीदना चाहती थी। पहले पति को लेकर उसने बताया कि तलाक का मामला अदालत में चल रहा है।

तीन बच्चों के पिता की शादी

इसी समारोह में फर्जीवाड़े का दूसरा मामला भी सामने आया है। यहां एक लड़की के दूल्हे की तबीयत खराब होने के कारण वह शादी करने नहीं पहुंचा तो लड़की की शादी तीन बच्चों के पिता से करा दी गई। फेरे के दौरान किसी ने युवक को पहचान लिया तो पूरा मामला सामने आया। इस घटना के बाद सीडीओ ने संबंधित ग्राम सचिव को निलंबित कर दिया और पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही वर-वधू को मिलने वाला पैसा भी वापस ले लिया गया।