उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को देखते हुए बयानबाजी तेज है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली में अपने संबोधन के दौरान प्रदेश की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था में हुए बदलावों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षित उत्तर प्रदेश ने देश और दुनिया में प्रदेश को लेकर बनी धारणा को बदल दिया है। पहले यूपी के लोगों को प्रदेश के बाहर अपनी पहचान को लेकर संकट का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और डबल इंजन की सरकार में उत्तर प्रदेश की छवि बदलने में सफलता मिली है।
सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले कुछ मुट्ठी भर लोगों की गलतियों का खामियाजा प्रदेश के 25 करोड़ लोगों को भुगतना पड़ता था। इसका असर युवाओं, बेटियों, व्यापारियों और आम नागरिकों पर पड़ता था। प्रदेश के बाहर जाने पर यूपी के लोगों को अपनी पहचान छिपानी पड़ती थी। उन्होंने दावा किया कि अब उत्तर प्रदेश को लेकर कोई सवाल नहीं उठाता और न ही प्रदेश पर पहले की तरह आक्षेप लगाए जाते हैं।
'सुरक्षा के भरोसे से बढ़ता है लोगों का आत्मविश्वास'
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिरों में उमड़ रही भीड़, जगह-जगह दुर्गा पूजा के पंडाल और उत्साह का माहौल लोगों के सुरक्षा के भरोसे को दर्शाता है। जब लोगों को विश्वास होता है कि उनकी सुरक्षा के साथ कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता, तो उन्हें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने पुलिस व्यवस्था में आमूलचूल बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस के साथ होमगार्ड, पीआरडी जवानों, ग्राम चौकीदारों और ग्राम प्रहरियों को भी बेहतर सुविधाएं और प्रशिक्षण देने की जरूरत है।
गांवों में भी सीसीटीवी जैसी भूमिका निभा रहे प्रहरी
योगी आदित्यनाथ ने ग्राम चौकीदारों और ग्राम प्रहरियों की भूमिका की तुलना शहरों में लगे सीसीटीवी कैमरों से की। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए पंचायतों में भी सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं। तकनीक और एआई टूल की मदद से संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और कार्रवाई में सहायता मिल सकती है।
लोगों में कानून का भय होना जरूरी- सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में ग्राम प्रहरियों के मानदेय का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उन्हें 1,500 रुपये मिलते थे, जिसे 2019 में बढ़ाकर 2,500 रुपये किया गया। उन्होंने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर जोर देते हुए कहा कि कानून का भय होना जरूरी है, ताकि कोई भी व्यक्ति बेटियों, गरीबों और कमजोर वर्गों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न करे।
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