1. Hindi News
  2. उत्तर प्रदेश
  3. कानपुर के डीएम से विवाद के बीच CMO हरदत्त नेमी सस्पेंड, सीएम योगी के पास पहुंचा था मामला

कानपुर के डीएम से विवाद के बीच CMO हरदत्त नेमी सस्पेंड, सीएम योगी के पास पहुंचा था मामला

कानपुर के सीएमओ हरदत्त नेमी सस्पेंड कर दिए गए हैं। उन पर विभागीय दायित्य में लापरवाही बरतने का आरोप है।

कानपुर के डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह और डा हरिदत्त नेमी की फाइल फोटो- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV कानपुर के डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह और डा हरिदत्त नेमी की फाइल फोटो

कानपुरः कानपुर के मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) हरदत्त नेमी सस्पेंड कर दिए गए हैं। नेमी की जगह पर डॉ उदय नाथ को कानपुर का नए सीएमओ बनाया गया है। कानपुर के डीएम और सीएमओ हरदत्त नेमी के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था। सीएमओ पर डीएम के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने का आरोप है। 

14 जून से बढ़ गया था विवाद

ये पूरा विवाद फरवरी में शुरू हुआ था। जब कानपुर के डीएम ने सीएमओ ऑफिस पर छापा मारा था और 34 अधिकारी और कर्मचारी के साथ सीएमओ भी ऑफिस में नहीं थे। अभी 14 जून को विवाद ज़्यादा बढ़ गया और सीएमओ को मीटिंग से बाहर कर दिया गया था। 

कैसे शुरू हुआ था विवाद

कानपुर के डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. हरि दत्त नेमी के बीच विवाद की शुरुआत फरवरी में तब हुई जब डीएम ने सीएमओ कार्यालय का औचक निरीक्षण किया, जिसमें कथित तौर पर डॉ. नेमी सहित प्रमुख अधिकारी बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए। सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच में अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद सिंह ने राज्य सरकार से डॉ. नेमी के ट्रांसफर की सिफारिश की। इसके बाद हरि दत्त नेमी की एक ऑडियो क्लिप वायरल हो गई जिसमें वे डीएम के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी कर रहे थे।

सीएम योगी को स्पीकर सतीश महाना ने लिखा था पत्र

कानपुर के जिला मजिस्ट्रेट जितेंद्र प्रताप सिंह और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. हरि दत्त नेमी के बीच चल रहे विवाद की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की गई। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, भाजपा विधायक सुरेंद्र मैथानी और एमएलसी अरुण पाठक ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। महाना ने कहा था कि मैंने केवल उनके (सीएमओ के) मामले पर विचार करने के लिए कहा था। अगर सीएमओ ने कुछ गलत किया है या भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, तो उन्हें दंडित किया जाना चाहिए। मैं किसी ऐसे व्यक्ति को कैसे बचा सकता हूं जो गलत है?

 उधर, भाजपा विधायक अभिजीत सिंह सांगा और महेश त्रिवेदी ने वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए डॉ. नेमी को हटाने की मांग की थी। इस मामले को लेकर अखिलेश यादव ने भी सवाल खड़े किए थे। सीएम योगी के पास मामला पहुंचा था। इसके बाद ये कार्रवाई हुई है।