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अलीगढ़ का नाम बदलने पर छिड़ा विवाद, विपक्षी पार्षदों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन, कहा- नहीं बदलने देंगे नाम

अलीगढ़ का नाम 'हरिगढ़' करने की चर्चाओं के बीच एसपी, बीएसपी और कांग्रेस के विपक्षी पार्षदों ने विरोध जताया है। पार्षदों ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करते हुए जिलाधिकारी के जरिए राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा और शहर का नाम न बदलने की मांग की।

Protest by opposition councilors- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT विपक्षी पार्षदों का विरोध प्रदर्शन

अलीगढ़ का नाम बदलकर 'हरिगढ़' किए जाने की चर्चाओं ने शहर की सियासत को गरमा दिया है। इसके विरोध में समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों के पार्षद एक मंच पर आ गए हैं। विपक्षी पार्षदों ने एकजुट होकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी के माध्यम से प्रदेश की राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर नाम न बदलने की मांग की।

नाम बदलने के खिलाफ राज्यपाल को ज्ञापन

विरोध प्रदर्शन के लिए विपक्षी दलों के पार्षद कलेक्ट्रेट परिसर में इकट्ठा हुए और शहर का नाम बदले जाने की चर्चाओं पर कड़ा ऐतराज जताया। पार्षदों का कहना है कि अलीगढ़ का नाम बदलना शहर के मूल स्वरूप को प्रभावित करेगा। उन्होंने जिलाधिकारी (DM) के जरिए राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि शहर का नाम वर्तमान स्थिति में ही बरकरार रखा जाए।

विपक्षी पार्षदों ने कहा कि अलीगढ़ पूरी दुनिया में अपनी 'ताला, तालीम और तहजीब' की खास पहचान के लिए जाना जाता है। यह एक ऐतिहासिक शहर है, जहां हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समेत सभी समुदायों के लोग लंबे समय से आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ रहते आए हैं। पार्षदों ने यह भी कहा कि नगर निगम की किसी भी हालिया बैठक में नाम बदलने से जुड़ा कोई आधिकारिक प्रस्ताव पास नहीं हुआ है। साल 2022-23 में केवल एक सुझाव सामने आया था, जिसका उस दौरान भी कड़ा विरोध किया गया था।

असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप

प्रदर्शनकारी पार्षदों ने कहा कि नगर निगम के पास किसी भी जिले का नाम बदलने का कानूनी अधिकार नहीं होता, यह फैसला केवल शासन स्तर पर ही लिया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि नाम परिवर्तन की बातें केवल जनता को गुमराह करने और वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटकाने का प्रयास हैं। सरकार को नाम बदलने के बजाय शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़कों की हालत, रोजगार और महिलाओं की सुरक्षा जैसे बुनियादी मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।

पार्षद मुशर्रफ ने इस पूरे मामले पर दिया बड़ा बयान

पार्षद मुशर्रफ के मुताबिक जिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में मांग की गई कि अलीगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए शहर का नाम यथावत रखा जाए। विपक्षी पार्षदों ने कहा कि वे इस फैसले के खिलाफ लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहकर अपना विरोध लगातार दर्ज कराते रहेंगे।

अलीगढ़ से प्रदीप सारस्वत की रिपोर्ट

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