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गाजियाबाद में पिंक बूथ पर मदद मांगता रहा युवक, महिला पुलिसकर्मियों ने नहीं खोला गेट, हुई मौत

गाजियाबाद के मधुबन बापूधाम में किराए को लेकर ऑटो चालक से विवाद होने के बाद अपनी जान बचाने भागा 22 वर्षीय युवक राजकुमार पुलिस के पिंक बूथ पहुंचा। लेकिन बूथ का दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण उसे समय पर कोई मदद नहीं मिली।

Ghaziabad Police- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT गाजियाबाद पुलिस

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक बेहद दुखद और हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां पुलिस की लापरवाही की वजह से 22 साल के एक युवक राजकुमार को अपनी जान गंवानी पड़ी। बिहार के सीवान का रहने वाला राजकुमार पेशे से कार मैकेनिक था। रविवार को एक ऑटो वाले के साथ किराए को लेकर उसका झगड़ा हो गया। जब विवाद बढ़ा, तो वह अपनी जान बचाने के लिए पुलिस के पिंक बूथ पर भागा। लेकिन जब वह वहां पहुंचा, तो पुलिस बूथ का दरवाजा अंदर से बंद था और उसे कोई मदद नहीं मिली।

क्या है पूरा मामला?

मृतक के परिवार वालों का कहना है कि रविवार दोपहर करीब ढाई बजे राजकुमार का एक ऑटो वाले के साथ किराए को लेकर झगड़ा हो गया था। इसके बाद कुछ लड़के ऑटो से उसका पीछा करने लगे। राजकुमार डर गया और अपनी जान बचाने के लिए संजयनगर सेक्टर-23 के पिंक बूथ की तरफ भागा। वहां पहुंचने पर उसने देखा कि मेन गेट बंद था। इसलिए वह किसी तरह दूसरे रास्ते से बूथ के अंदर घुस गया और मदद के लिए इंचार्ज के दफ्तर का दरवाजा खटखटाने लगा। आरोप है कि उस समय अंदर महिला पुलिसकर्मी मौजूद थीं, लेकिन उन्होंने राजकुमार की आवाज सुनने के बाद भी दरवाजा नहीं खोला।

लगातार अनदेखी किए जाने और अपनी जान को खतरा देखकर राजकुमार बहुत घबरा गया। उसने हताशा में आकर दफ्तर के दरवाजे के शीशे पर अपने हाथ मार दिए। हाथ लगते ही शीशा टूट गया और उसके नुकीले टुकड़े राजकुमार के दोनों हाथों में चुभ गए, जिससे उसके हाथ की नसें कट गईं। कुछ ही मिनटों में उसके शरीर से बहुत सारा खून बह गया। वह खून से लथपथ होकर सड़क पर आकर तड़पने लगा। वह लोगों से मदद के लिए चिल्लाता रहा, लेकिन समय पर किसी ने उसकी मदद नहीं की।

काफी देर बाद मौके पर पहुंची पुलिस

घटना के काफी देर बाद पुलिस वहां पहुंची और एम्बुलेंस बुलाई। लेकिन उस एम्बुलेंस में फर्स्ट-एड का कोई इंतजाम नहीं था। इसलिए पास की एक दवाई की दुकान से पट्टी लाई गई और राजकुमार के घावों पर बांधी गई। इसके बाद उसे एमएमजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना के बाद पुलिस के काम करने के तरीके पर बड़े सवाल उठ रहे हैं। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने कहा कि मामले की ठीक से जांच करने के लिए एक टीम बना दी गई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अस्सिस्टेंट पुलिस उपासना पांडे ने मामले पर क्या कहा?

इस मामले पर कार्यवाहक सहायक पुलिस आयुक्त उपासना पांडे ने कहा कि 12 जुलाई 2026 की दोपहर करीब 3:30 बजे, मधुबन बापूधाम थाना क्षेत्र में एक ऑटो चालक और एक सवारी के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर बहस हो गई। दोनों ही शराब के नशे में थे। विवाद बढ़ने पर दोनों पास के एक पिंक बूथ पहुंचे। वहां नशे में धुत सवारी ने गुस्से में आकर पिंक बूथ के शीशे वाले गेट पर तेजी से हाथ मार दिया, जिससे शीशा टूट गया और उसके हाथ में गंभीर रूप से कांच चुभ गया। पुलिस उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले गई, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल मौके पर पूरी तरह शांति और कानून व्यवस्था बनी हुई है।

गाजियाबाद से जुबैर अख्तर की रिपोर्ट

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