नोएडा के जेनेसिस स्कूल में हुआ एनुअल डे कार्यक्रम, चीफ गेस्ट रजत शर्मा ने स्टूडेंट्स को दी मदद करने की सलाह
नोएडा के जेनेसिस स्कूल में हुए एनुअल डे फंक्शन में चीफ गेस्ट के रूप में इंडिया टीवी के चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा शामिल हुए।

नोएडा: नोएडा के जेनेसिस स्कूल (Genesis school) में आज एनुअल डे कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में चीफ गेस्ट के तौर पर इंडिया टीवी के चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा शामिल हुए।
एनुअल डे के मौके पर टीचर्स और स्टूडेंट्स ने रजत शर्मा का स्वागत किया और उनके पॉपुलर शो 'आप की अदालत' के 21 साल की एनिवर्सिरी से लेकर, उनके जीवन को भी दर्शाया।
रजत शर्मा ने कार्यक्रम में स्पीच के दौरान क्या कहा?
रजत शर्मा ने कहा, "मेरा इस स्कूल के साथ एसोसिएशन तब से है, जब से इस स्कूल का सपना पोंटी चड्ढा जी ने देखा था। आज वो जहां भी होंगे, इस स्कूल की प्रोग्रेस देखकर बहुत खुश होंगे, जो परफॉरमेंस मैंने आज यहां देखी हैं, वह बच्चों द्वारा दी गईं वर्ल्ड क्लास परफॉरमेंस हैं। मेरे लिए बहुत सौभाग्य की बात है कि मुझे इस स्कूल के साथ एसोसिएट होने का मौका मिला और अब प्रेसीडेंट बनने की जिम्मेदारी दी है। वास्तव में इस स्कूल का एक करेक्टर है।"
रजत शर्मा ने कहा, "छात्रों से मैं कहना चाहूंगा कि आप बहुत सौभाग्यशाली हैं कि आपको ऐसे स्कूल में पढ़ने का मौका मिला। यहां से आपके टीचर आपको शेप करेंगे। मैं इतना भाग्यशाली नहीं था, मुझे एक साधारण स्कूल में पढ़ने का मौका मिला, जहां हम जमीन पर बैठकर पढ़ते थे। बैठने के लिए टाट-पट्टी अपने घर से ले जाते थे, ब्लैकबोर्ड नहीं थे और टीचर्स भी नहीं थे। लेकिन इस देश की मिट्टी में कुछ है कि साधारण से साधारण परिस्थिति में पलने वाले को भी एक मौका मिलता है। जो इस जेनेसिस स्कूल में पढ़ेंगे, उन्हें जिंदगी में बहुत बड़े-बड़े अवसर मिलेंगे। मेरी आप सभी को शुभकामनाएं हैं।"
पैरेंट्स का अहसान कभी नहीं भूलना चाहिए: रजत शर्मा
रजत शर्मा ने छात्रों से कहा, "जब आप जीवन में बड़े बनें तो आपके मन में अपने पैरेंट्स के प्रति शुक्रिया का भाव होना चाहिए। उन्होंने आपको स्कूल में भेजा, उन्होंने आपको बड़ा बनाने में कितनी मदद की और मेहनत की। किसी भी स्टूडेंट को अपने पैरेंट्स का ये अहसान कभी नहीं भूलना चाहिए।"
रजत शर्मा ने कहा, "हमारे टीचर खुद चिराग की तरह जलते हैं, आपके दिलों में, आपकी जिंदगी में रोशनी भरने के लिए, आपको बड़ा बनाने के लिए, कल जब आप बड़े बनेंगे, आपके पास पैसा होगा तो यही टीचर्स और पैरेंट्स खुश होंगे। बाकी लोग तो आपसे जलकर मर जाएंगे।"
रजत शर्मा ने छात्रों से कहा, "ये हमेशा ध्यान रखें कि आप बड़े बनें, आप जिस मुकाम तक पहुंचें, उसमें आपके स्कूल का, आपके टीचर्स का और आपके पैरेंट्स का कितना बड़ा रोल है।"
रील बनाओ लेकिन अपनी जिंदगी के फैसले रील्स पर मत होने दो: रजत शर्मा
रजत शर्मा ने छात्रों से कहा, "रील बनाओ लेकिन अपनी जिंदगी के फैसले रील्स पर मत होने दो। संभलकर रहने की जरूरत है। नए जमाने के लोगों के पास फ्लो ऑफ इनफॉरमेशन ज्यादा है, इसलिए आपके चैलेंज बड़े हैं और आपके सोचने का तरीका अलग है। आपको हर बात पर हमसे एग्री करने की जरूरत नहीं है। आपके नए विचार सामने आने चाहिए। लेकिन राइट टू डिसएग्री का मतलब, राइट टू डिसरिस्पेक्ट नहीं होना चाहिए। सोसाइटी, समाज, पैरेंट्स, टीचर्स, स्कूल और प्रिंसिपल की रिस्पेक्ट होनी चाहिए। आप डिसएग्री करें ये पॉजिटिव साइन है लेकिन डिसएग्री का मतलब आज के जमाने में चिल्लाना, गाली देना, गलत भाषा का इस्तेमाल करना ठीक नहीं है। हमको अपनी बात कहने के लिए शोर मचाने की जरूरत नहीं है। अगर आपकी बात सही है, आपकी फीलिंग सच्ची है तो आप कम शब्दों में भी अपनी बात कह सकते हैं।"
रजत शर्मा ने छात्रों से कहा, "हमारे देश का आने वाला लीडर कैसा हो? आपमें से ही लीडर्स निकलने हैं। आने वाले लीडर्स ऐसे हों, जो अपनी बात कहना जानते हों और दूसरी की बात सुनना जानते हों। जो अपनी तकलीफ को समझते हों और दूसरे के दर्द को भी समझते हों। ये हमारी एक्सपेक्टेशन है नई जेनरेशन के लिए।"
स्टूडेंट्स दूसरे स्टूडेंट्स की मदद करें: रजत शर्मा
रजत शर्मा ने कहा, "आखिर में मैं बस एक बात कहना चाहता हूं कि आप लोग इस स्कूल से निकलकर जीवन में बहुत बड़े बनेंगे। आपके पास ताकत होगी, पैसा होगा, जब आप बड़े बन जाएं, सफल हो जाएं, तो मेरी गुजारिश है कि अपनी जिंदगी में किसी ऐसे स्टूडेंट की मदद करें, जिसके पास किताबें, यूनिफॉर्म और फीस भरने के पैसे न हों, जैसा बचपन मैंने गुजारा था, किसी ने मुझे स्कॉलरशिप दी और मेरी जिंदगी बन गई, आप अपनी जिंदगी में किसी एक स्टूडेंट की मदद करें। उसकी जिंदगी बना दें, मुझे लगेगा कि मेरा यहां आना सफल हुआ।"