कानपुर में इंसानी अंगों के सौदागरों के खिलाफ पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट के मामले में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस को मुख्य आरोपी शिवम के मोबाइल से एक ऐसी ऑडियो रिकॉर्डिंग हाथ लगी है, जिसने इस पूरे सिंडिकेट की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसकी पोल खोल दी है। इस रैकेट के तार अब कानपुर से निकलकर प्रयागराज, कन्नौज और औरैया तक जुड़ गए हैं।
कानपुर पुलिस की तफ्तीश में मास्टरमाइंड शिवम का मोबाइल फोन 'सबूतों की खान' साबित हो रहा है। डीसीपी पश्चिम एस.एम. कासिम आब्दी के मुताबिक, एक ऑडियो क्लिप में शिवम और प्रयागराज के गुर्गे नवीन पांडेय के बीच की बातचीत रिकॉर्ड है। इस बातचीत में प्रयागराज के ही एक और दलाल साहिल का जिक्र है, जो एक किडनी के बदले 22 लाख रुपये की मांग कर रहा था।
पैसों का घमंड
हैरानी की बात यह है कि इस सौदेबाजी के दौरान शिवम का अहंकार भी सामने आया। उसने ऑडियो में साफ कहा कि "साहिल नहीं जानता कि शिवम और डॉ. रोहित क्या चीज हैं, हम तो बात की बात पर करोड़ों फेंक देते हैं।" यह जुमला बताता है कि इस अवैध धंधे में इन लोगों ने कितनी अकूत संपत्ति जमा कर रखी है।
5 साल से चल रहा काला कारोबार
पुलिस ने शनिवार को प्रयागराज में नवीन पांडेय के घर पर छापेमारी की, लेकिन वह फरार मिला। पुलिस ने जब नवीन की पत्नी से पूछताछ की, तो चौंकाने वाली जानकारी मिली। पत्नी ने कबूल किया कि नवीन पिछले 5 सालों से डॉ. रोहित के साथ मिलकर काम कर रहा है, जबकि शिवम इस गैंग में महज एक साल पहले ही शामिल हुआ था।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियां
पुलिस ने इस मामले में अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। कन्नौज से डॉ. रोहन को हिरासत में लिया गया है, जिससे पूछताछ जारी है। कल्याणपुर में पनकी रोड से औरैया निवासी नरेंद्र सविता को भी दबोचा गया है। फिलहाल पुलिस फरार नवीन पांडेय और दलाल साहिल की तलाश में दबिश दे रही है। जिस तरह से इस रैकेट में डॉक्टरों और एजेंटों का गठजोड़ सामने आया है, उससे यह साफ है कि यह सिर्फ कानपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि एक अंतरराज्यीय गिरोह है जो मजबूरी का फायदा उठाकर अंगों की तस्करी कर रहा था।
पूछताछ कर रही पुलिस
डीसीपी पश्चिम एस.एम. कासिम आब्दी ने कहा, "हमें मुख्य अभियुक्त के फोन से महत्वपूर्ण ऑडियो साक्ष्य मिले हैं, जो नवीन पांडेय और साहिल नाम के व्यक्तियों की संलिप्तता की पुष्टि करते हैं। 22 लाख के लेनदेन की बात सामने आई है। हमारी टीमें प्रयागराज और औरैया समेत कई जिलों में छापेमारी कर रही हैं। डॉ. रोहन और नरेंद्र सविता से पूछताछ की जा रही है और जल्द ही इस गिरोह के बाकी सदस्यों को भी जेल भेजा जाएगा।"
(कानपुर से ज्ञानेंद्र शुक्ला की रिपोर्ट)
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