A
  1. Hindi News
  2. उत्तर प्रदेश
  3. मायावती ने भतीजे आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को बसपा से निकाला, लगाया गंभीर आरोप

मायावती ने भतीजे आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को बसपा से निकाला, लगाया गंभीर आरोप

बसपा अध्यक्ष मायावती ने गुटबाजी को बढ़ावा देने और पार्टी विरोधी गतिविधियों में कथित संलिप्तता के आरोप में पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ और केंद्रीय-राज्य समन्वयक नितिन सिंह को बुधवार को पार्टी से निष्कासित कर दिया।

बसपा प्रमुख मायावती- India TV Hindi
Image Source : FILE-PTI बसपा प्रमुख मायावती

लखनऊः बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद और ससुर और अपने समधी डॉ. अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। मायावती ने यह कार्रवाई पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते बसपा से निष्काषित किया है। डॉ. अशोक सिद्धार्थ मायावती के रिश्तेदार हैं और रिश्ते में समधि लगते हैं। 

मायावती ने दो नेताओं को पार्टी से निष्कासित किया

मायावती ने एक्स हैंडल पर बताया कि डॉ. अशोक सिद्धार्थ को बसपा से निकाल दिया गया है। उन्होंने कहा कि बीएसपी की ओर से ख़ासकर दक्षिणी राज्यों आदि के प्रभारी रहे डॉ. अशोक सिद्धार्थ, पूर्व सांसद व और नितिन  सिंह, ज़िला मेरठ को चेतावनी के बावजूद भी गुटबाजी आदि की पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के कारण पार्टी के हित में तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित किया जाता है।

मायावती ने दोनों नेताओं को दी थी चेतावनी

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि मायावती ने बुधवार को कार्रवाई करने से पहले दोनों नेताओं को चेतावनी दी थी। अशोक सिद्धार्थ मायावती के भतीजे और उनके राजनीतिक उत्तराधिकारी आकाश आनंद के ससुर हैं। पूर्व राज्यसभा सांसद सिद्धार्थ कई दक्षिणी राज्यों में पार्टी के प्रभारी रह चुके हैं। मेरठ से ताल्लुक रखने वाले नितिन सिंह को हाल ही में दिल्ली विधानसभा चुनाव में आकाश के साथ तैनात किया गया था।

सरकारी नौकरी छोड़कर बसपा में शामिल हुए थे अशोक सिद्धार्थ

बता दें कि अशोक सिद्धार्थ राजनीति में आने से पहले सरकारी नौकरी कर रहे थे। वह सरकारी नौकरी छोड़कर बसपा में शामिल हुए थे। मायावती ने अशोक सिद्धार्थ को पहले एमएलसी बनाया। इसके बाद साल 2016 में अशोक सिद्धार्थ को राज्यसभा सांसद बनाया। उनका कार्यकाल साल 2022 में खत्म हुआ। अशोक सिद्धार्थ की पत्नी यूपी महिला आयोग की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। मायावती का अशोक सिद्धार्थ के परिवार से काफी करीबी रही है।