लखनऊ: यूपी की पूर्व सीएम और बसपा सुप्रीमो मायावती का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा, "पार्टी से निकाले गए लोगो ने भ्रम फैलाया कि मैं बहुत बीमार हूं। कल आकाश आनन्द का रात में फोन आया था कि क्या बहन जी बीमार हैं? आकाश आनंद अभी भी अपने दिमाग से काम नहीं कर रहा, अशोक सिद्धार्थ के दिमाग से काम कर रहा है। मुख्य सेक्टर प्रभारी का पद खत्म किया। आनन्द कुमार को ज्यादा ताकत दी।"
मायावती ने कहा, "ब्रिक्स पर साझा घोषणापत्र आया ये अच्छी बात है। चीन के साथ सीमा मुद्दा हल हो।"
मायावती ने कहा, "मैं अपनी पार्टी के लोगों को यह भी सचेत व आगाह करना चाहती हूं कि लोगों के भी दिल व दिमाग में यह बात जरूर चल रही होगी कि माननीय बहन जी पिछले लगभग एक डेढ़ महीने से काफी लंबे-चौड़े मामले भी सीधे ट्वीट के जरिए ही भेजती रही है। लेकिन आज के थोड़े से मामले के लिए मीडिया में सीधा क्यों आई? इसका मुख्य कारण पूरे देशभर में मेरे प्रति पार्टी के लोगों को सावधान करना भी है क्योंकि ऐसा लगता है कि पार्टी से निकाले हुए लोगों ने पिछले एक-दो दिनों से पार्टी के लोगों में यह भ्रम फैलाया हुआ है कि बहन जी काफी बीमार चल रही है। इसलिए वह मीडिया में ना आकर बड़े-बड़े मामले भी सीधे ही ट्वीट के जरिए भेज रही है।"
आकाश आनंद का सीधे टेलीफोन आया: मायावती
मायावती ने कहा, "इस बात का खास सबूत ये है कि मेरे निवास स्थान पर पार्टी इंचार्ज आलोक कुमार के पास कल रात को लगभग 10 बजकर 4 मिनट पर आकाश आनंद का सीधे टेलीफोन आया और उनसे पूछा इन्होंने कि बहन जी क्या बीमार चल रही है, उनका स्वास्थ्य कैसा है? तो उन्होंने यानी आलोक कुमार ने कहा नहीं तो, वो तो बिल्कुल ठीक है। अपने काम में लगी हुई हैं। लेकिन मेरी यह बात बहन जी को नहीं बताना और टेलीफोन रख दिया। यह भी काफी गंभीरता से सोचने की बात है। अर्थात इस मामले में उनकी यह मानसिकता सही भी हो सकती है या गलत भी हो सकती है। क्योंकि ये अपने दिमाग से काम नहीं कर रहा है बल्कि अशोक सिद्धार्थ के दिमाग से ही काम कर रहा है।"
मायावती ने कहा, "जहां तक पूरे देश में बीएसपी के संगठन को ग्रास रूट लेवल पर मजबूत बनाने व खासकर बहुजन समाज में पार्टी के जनाधार को बढ़ाने का मामला है तो इस संबंध में मैंने इसी महीने दिनांक 3 सितंबर सन 2026 को लखनऊ पार्टी प्रदेश कार्यालय में बीएसपी की ऑल इंडिया की बैठक बुलाई थी। जो यह बैठक इन दिनों अति महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर काफी लंबी चली थी। जिसमें इन कार्यों को युद्ध स्तर पर गति देने के लिए ऑल इंडिया लेवल पर बीएसपी को तीन सेक्टरों में बांट दिया गया था।"
इससे पहले मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को बसपा से बाहर निकाला था। ससुर के संन्यास के बाद भी ये कार्रवाई हो गई थी।
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