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मेरठ में क्लोरीन गैस के रिसाव से मचा हड़कंप, कई लोगों की बिगड़ी हालत, लोगों ने बंद किए दरवाजे-खिड़कियां

गैस की वजह से लोगों को चक्कर आ रहे और उल्टियां भी हो रही हैं। बड़ी संख्या में लोगों ने अपने-अपने घरों की खिड़कियां और दरवाजों को बंद कर लिया है।

अस्पताल में भर्ती लोग- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT अस्पताल में भर्ती लोग

मेरठ के मोदीपुरम स्थित पल्लवपुरम फेस-2 के एन पॉकेट में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) में क्लोरीन गैस के रिसाव की सूचना से हड़कंप मच गया। गैस के प्रभाव में आने से कई लोगों की हालत बिगड़ने की बात आ रही है। गैस रिसाव के कुछ लोगों की तबीयत बिगड़ गई है जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

लोगों ने दरवाजे और खिड़कियां की बंद

गैस रिसाव की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों में एहतियात के तौर पर लोगों ने अपने घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद कर लिये। पल्लवपुरम रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन की तरफ से भी लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की अपील की गई।

लोगों को सांस लेने में हुई दिक्कत

स्थानीय लोगों को विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोगों को प्रभावित क्षेत्र से दूर रखने की सलाह दी गई। बाहर मौजूद परिजनों को भी तत्काल घर लौटने की सूचना देने के लिए कहा गया।

गैस रिसाव को नियंत्रित करने का प्रयास तेज

बताया गया कि गैस का प्रभाव एसटीपी की परिधि से करीब 50 मीटर के दायरे तक रहने की संभावना है। सूचना मिलने के बाद संबंधित कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर गैस रिसाव को नियंत्रित करने और स्थिति सामान्य करने के प्रयास शुरू किए।

गैस रिसाव के कारण का नहीं चला पता

फिलहाल गैस रिसाव के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। प्रशासन और संबंधित विभाग हर स्थिति पर नजर रख रहा है।

STP के आसपास के लोगों के लिए गंभीर परेशानी 

बता दें कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में गंदे पानी को ट्रीट कर उसे दोबारा उपयोग के लायक बनाने की प्रक्रिया होती है। इस प्रक्रिया में पानी को कीटाणुरहित करने के लिए क्लोरीन का इस्तेमाल किया जाता है। क्लोरीन नियंत्रित मात्रा में इस्तेमाल होने पर उपयोगी है, लेकिन गैस के रूप में इसका रिसाव आसपास के लोगों के लिए गंभीर परेशानी पैदा कर सकता है।

क्लोरीन गैस हवा के संपर्क में आने के बाद आंखों, नाक और गले में जलन पैदा कर सकती है। इसके प्रभाव में आने वाले लोगों को खांसी, सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और सीने में परेशानी जैसी दिक्कतें होती हैं। ज्यादा मात्रा में गैस के संपर्क में आने पर स्थिति गंभीर भी हो सकती है। यही वजह है कि क्लोरीन गैस के रिसाव की किसी भी घटना को प्रशासन और संबंधित विभाग गंभीरता से लेते हैं।

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