मेरठ की कोर्ट ने हत्या के मामले में सजा का ऐलान करते हुए एक महिला और उसके प्रेमी को फांसी की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयवीर सिंह नागर ने रविता और अमरदीप को अमित कश्यप उर्फ मिक्की कश्यप की हत्या के मामले में मौत की सजा सुनाई। अमित कश्यप अकबरपुर सादात गांव का रहने वाला था। पिछले साल 13 अप्रैल को अमित अपने घर में एक खाट पर मृत पाया गया था और उसकी लाश के पास एक जिंदा सांप मिला था। शुरुआत में उसके परिवार वालों को लगा कि उसकी मौत सांप के काटने से हुई है। लेकिन, पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम में उसकी गर्दन और नाक पर चोट के निशान मिले, जिससे पता चला कि उसकी मौत गला घोंटे जाने की वजह से हुई थी।
जज ने महाभारत और मनुस्मृति का किया जिक्र
दरअसल, सजा सुनाते हुए जज जयवीर नागर ने मनुस्मृति को कोट करते हुए कहा कि "यह जघन्य श्रेणी में आता है।" जयवीर नागर ने महाभारत के सावित्री का प्रसंग सुनाते हुए कहा, "सावित्री यमराज से अपने पति के प्राण वापस लेकर आई थी, लेकिन यहां तो रविता ने प्रेमी अमरदीप के साथ मिल पति के प्राण ले लिए। हिन्दू पद्धति में पत्नी को अर्द्धांगिनी कहा जाता है। ऐसे में पति के प्राण लेना, रिश्तों को तार-तार करना है। प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या समाज को गलत संदेश देता है।" मनु्स्मृति का जिक्र करते हुए जज जयवीर नागर ने कहा, "जघन्य अपराध रिश्तों को टुकड़े-टुकड़े करना ही नहीं है, बल्कि सिर्फ अपने गलत इरादों के लिए पति की हत्या करना मर्यादाओं का उल्लंघन है। समाज में ऐसे लोगों के लिए माफी नहीं है। लिहाजा कोर्ट रविता और अमरदीप को फांसी की सजा सुनाती है।"
मृतक के परिजनों ने जताई खुशी
वहीं रविता के तीन बच्चों के पालन पोषण की जिम्मेदारी के लिए अदालत ने जिलाधिकारी को आदेश दिये हैं। बता दें कि कोर्ट के इस फैसले से मृतक अमित कश्यप के परिजन खुश हैं। अमित कश्यप की मां मुनेश ने कहा कि आत्मा को शांति मिल गयी है। बता दें कि मेरठ की कोर्ट ने शुक्रवार को रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को, महिला के पति अमित की हत्या करने के जुर्म में मौत की सजा सुनाई। उन्होंने पति की लाश के पास एक जिंदा सांप छोड़ दिया था, ताकि ऐसा लगे कि उसकी मौत सांप के काटने से हुई है।
यह भी पढ़ें-
मेरठ के नीले ड्रम केस में मौत की सजा सुनते ही रोने लगे मुस्कान और साहिल, कोर्ट ने महाभारत का जिक्र भी किया