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मुस्लिम युवक भी दोस्तों के साथ कांवड़ यात्रा पर निकले, कहा-'दोस्ती के आड़े नहीं आता मजहब'

आगरा जिले की बाह तहसील के बिजौली गांव निवासी साजिद (26) और सन्नी खान (24) अपने 14 हिंदू दोस्तों के साथ बटेश्वर स्थित महादेव मंदिर में जलाभिषेक करने निकले थे।

kanwad Yatra- India TV Hindi
Image Source : PTI कांवड़ यात्रा

फिरोजाबाद (उप्र): सावन महीना शुरू होते ही श्रद्धा और भक्ति के माहौल में कांवडिए भगवान शिव को जलाभिषेक के लिए निकल पड़ते हैं। लेकिन आगरा में कुछ अलग ही देखने को मिला। यहां देश की गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश करते हुए आगरा निवासी दो मुस्लिम युवक अपने दोस्तों के साथ कांवड़ यात्रा पर निकले हैं। 

बटेश्वर स्थित महादेव मंदिर में जलाभिषेक

आगरा जिले की बाह तहसील के बिजौली गांव निवासी साजिद (26) और सन्नी खान (24) अपने 14 हिंदू दोस्तों के साथ पिछले सोमवार यानी सात जुलाई को कछलाघाट से बटेश्वर स्थित महादेव मंदिर में जलाभिषेक करने निकले थे। वे शनिवार 12 जुलाई की रात फिरोजाबाद की शिकोहाबाद तहसील में स्टेशन मार्ग पर कांवड़ लेकर पहुंचे। 

हमारे खून का रंग एक

साजिद ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम इंसान पहले हैं, हिंदू या मुसलमान बाद में हैं। हमारे खून का रंग एक ही है। खुदा ने उसमें कोई फर्क नहीं किया। धर्म कभी दोस्ती में आड़े नहीं आता। चाहे कोई कुछ भी कहे।’’ सन्नी ने कहा, ‘‘हमारे दोस्त श्रावण मास में कांवड़ लेकर जलाभिषेक के लिये जा रहे थे। हमने सोचा कि हमारे दोस्त इतनी बड़ी तपस्या करने जा रहे हैं तो हम भी उनके साथ जाएंगे। हमें भी भोलेनाथ पर आस्था है। हमने अपने दोस्तों से बात की। उनकी रजामंदी के बाद हमने भी कांवड़ उठायी और उनके साथ निकल पड़े।’’ 

151 किलोग्राम की कांवड़ लेकर निकले

उन्होंने बताया कि जिस कांवड़ को वे लेकर चले हैं वह 151 किलोग्राम की है। उसमें 125 किलोग्राम जल है जबकि कलश व कांवड़ का वजन 26 किलोग्राम है। श्रावण की शुरुआत 11 जुलाई को हुई। यह मास नौ अगस्त को संपन्न होगा। इस महीने में देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु कांवड़ लेकर मीलों पैदल चलते हैं और गंगा जल लेकर उसे विभिन्न शिवालयों पर चढ़ाते हैं। (इनपुट-पीटीआई)