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यूपी में दूल्हे ने दहेज में मिले 31 लाख रुपये लौटाया, बोला- मुझे सिर्फ दुल्हन चाहिए, शगुन में लिया एक रुपया

मुजफ्फरनगर के एक 26 साल के दूल्हे ने दिल को छू लेने वाला काम करते हुए 31 लाख रुपये का दहेज लेने से मना कर दिया और शगुन के तौर पर सिर्फ 1 रुपये लिए।

 अवधेश कुमार राणा और अदिति सिंह- India TV Hindi
Image Source : REPORTER अवधेश कुमार राणा और अदिति सिंह

मुजफ्फरनगरः दहेज के लिए जहां कुछ महिलाएं प्रताड़ित होती हैं और हिंसा का शिकार होती हैं। वहीं एक युवक ने दहेज लोभियों के मुंह पर करारा तमाचा मारा है। जहां दहेज से जुड़ी हिंसा मीडिया में हेडलाइन बनती रहती है, वहीं एक युवक ने शादी में मौजूद लोगों के सामने दहेज की मोटी रकम लेने से मना करके इस सामाजिक बुराई को चुनौती देने का फैसला किया। युवक का नाम अवधेश राणा है जोकि यूपी के मुजफ्फरनगर का निवासी है। 

तिलक में 31 लाख रुपये लेने से कर दिया इनकार

जानकारी के मुताबिक, 22 नवंबर को मुजफ्फरनगर के एक बैंकट हॉल में अवधेश की बारात पहुंची। जयमाला से पहले तिलक की रस्म के दौरान वधू पक्ष की ओर से 31 लाख रुपये की नोटों से सजी थाली दूल्हे के सामने प्रस्तुत की गई। लेकिन सभी के लिए आश्चर्य का विषय तब बना जब शिक्षित और जागरूक युवक अवधेश ने पूरी रकम लेने से साफ इनकार कर दिया और थाली में से केवल एक रुपये उठाया। उनका कहना था— “जिसने अपनी बेटी दे दी, उसने अपना सब कुछ दे दिया। दहेज लेना न सिर्फ अपराध है बल्कि समाज पर एक कलंक भी है। 

एक रुपये शगुन लेकर की शादी

अवधेश ने 22 नवंबर को शहर के एक बैंक्वेट हॉल में शहाबुद्दीनपुर गांव की रहने वाली अदिति सिंह से शादी की। शादी के दौरान अदिति के परिवार ने दूल्हे को दहेज के तौर पर 31 लाख रुपये देने की कोशिश की। दूल्हे ने कहा कि हम दहेज के खिलाफ हैं। यह बिल्कुल ग़लत है। दहेज़ सिस्टम को पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए। 

बुढ़ाना तहसील क्षेत्र के नगवा गांव निवासी 26 वर्षीय अवधेश कुमार राणा ने हाथ जोड़कर 31 लाख की मोटी रकम लेने से मना कर दिया, जिससे वहां मौजूद हर मेहमान ने तालियां बजाईं। दूल्हे की इस कदम की चर्चा मुजफ्फरनगर ही नहीं बल्कि पूरी यूपी में हो रही है।

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रुपये शगुन लेकर तय किया था शादी

अवधेश के पिता राजवीर सिंह ने बताया कि शादी की बात केवल एक रुपये की रस्म के साथ तय हुई थी, लेकिन वधू पक्ष ने परंपरा के नाम पर 31 लाख रुपए लाने का प्रयास किया। अवधेश ने इसे अस्वीकार कर समाज को संदेश दिया कि बेटियां बोझ नहीं, सम्मान होती हैं। मेहमानों ने बताया कि दुल्हन के पिता की कोरोना महामारी के दौरान मौत हो गई थी 

रिपोर्ट- योगेश त्यागी, मुजफ्फरनगर