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राम मंदिर चढ़ावा घोटाला मामले में एक्शन, चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा की पास बनाने वाली आईडी की गई बंद

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारी रहे चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा की पास बनाने वाली आईडी को बंद कर दिया है। इन तीनों की ही आईडी से अब तक सबसे ज्यादा पास जारी हुए थे।

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Image Source : ANI/PTI चंपत राय की पास बनाने वाली आईडी को भी बंद कर दिया गया है।

राम मंदिर चढ़ावा घोटाला मामले में एक्शन हुआ है और चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा की पास बनाने वाली आईडी बंद कर दी गई है। VIP दर्शन पास के लिए सिस्टम में जेनेरेट की गई तीनों की आईडी को बंद कर दिया गया है। अब चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा की आईडी से कोई पास जारी नहीं होंगे।

राम मंदिर में जारी होते हैं दो तरह के पास

जान लें कि राम मंदिर में दर्शन के लिए सुगम दर्शन पास और विशिष्ट दर्शन पास, दो तरह के पास जारी किए जाते हैं। इसके लिए सभी ट्रस्टियों के नाम की आईडी सिस्टम में जेनेरेट की गई है। इन आईडी के जरिए ट्रस्टियों की तरफ से श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन और विशिष्ट दर्शन पास जारी किए जाते थे।

पास जारी करने में भी हो रही थी हेराफेरी

आरोप है कि टिन्नू यादव इसी सिस्टम का फायदा उठाकर सैंकड़ों पास जारी करवा चुका है। चंपत राय और अनिल मिश्रा के करीबी भी पास जारी करवाने में गड़बड़ी कर रहे थे। लाखों की कमाई वहां से भी की गई है।

चंपत, गोपाल और अनिल ने जारी किए सबसे ज्यादा पास

फिलहाल, तीन आईडी जिससे सबसे ज्यादा पास जारी हुए हैं, उन्हें बंद कर दिया गया है। ट्रस्ट से बाहर होने के बाद अब इनकी सिफारिश पर किसी को सुगम या VIP दर्शन का पास भी जारी नहीं हो सकेगा।

राम मंदिर चढ़ावा घोटाला क्या है?

अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं की तरफ से चढ़ाए गए दान में हेराफेरी और चोरी का गंभीर मामला जून, 2026 में पहली बार सामने आया। आरोप है कि 22 जनवरी, 2024 को राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के बाद से दानपात्रों से चढ़ावे की धनराशि को गायब किया जा रहा था।

चंपत राय और अनिल मिश्रा भी दे चुके हैं इस्तीफा

इस मामले में अब तक 8 आरोपियों को अरेस्ट किया है, जो चढ़ावा चोरी के सिंडिकेट में शामिल थे। इस कथित स्कैम और गबन के आरोपों के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय और मेंबर अनिल मिश्रा ने भी अपने पदों से त्यागपत्र दिया है, जिसे ट्रस्ट स्वीकार कर चुका है।

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