"टिन्नू ने गलत किया, इसकी उम्मीद नहीं थी", राम मंदिर चंदा चोरी मामले में चंपत राय ने क्या क्या बताया?
राम मंदिर चंदा चोरी मामले में चंपत राय का बयान सामने आया है। उन्होंने बताया कि उनसे गलती हुई है। टिन्नू यादव ऐसा करेगा, इसकी उम्मीद नहीं थी। जानें चंपत राय ने क्या क्या बताया?

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के बाद चंपत राय का पहला बयान आया सामने आया है। चंपत राय ने कहा..चढ़ावा चोरी की जानकारी होते ही मैंने जांच की और टिन्नू यादव ने बहुत गलत किया, इसकी उम्मीद नहीं थी। चंपत राय ने कहा, जिन्होंने चोरी की मैंनेउनसे रकम बरामद करवाई। मैने एसआईटी को खुद शिकायत दी थी,उसी के आधार पर केस दर्ज हुआ,हां मेरी ये गलती है कि शिकायत करने में देरी की, अपनी तरफ से इंटर्नल जांच करते रहे। बता दें कि पांच जून का वो फुटेज इस तरफ इशारा कर रहा है कि ट्रस्ट को पहले से चंदा चोरी का पता चल गया था। ऐसा इसलिए कि जब अविनाश शुक्ला के घर ट्रस्ट के लोग गए थे और उसके घर से कैश रिकवर हुआ था।
सूत्रों के हवाले से, पुलिस चंपत राय ,गोपाल राव और अनिल मिश्रा समेत ट्रस्ट के कई सदस्यों की फाइनेंशियल डिटेल्स जुटा रही है और सभी के बैंक अकाउंट्स और संपत्तियों की जांच भी जारी है। ट्रस्ट को जून के पहले हफ्ते में ही पता चल गया था कि दान की चोरी हो रही है। ट्रस्ट के लोगों ने कार्रवाई करते हुए काफी मात्रा में कैश बरामद कर लिया था और आरोपियों के खिलाफ करवाई करने के लिए कहा था।
पुलिस ने क्या बताया?
गिरफ्तार आठों आरोपियों से पूछताछ करने पुलिस अयोध्या जेल पहुंची। अयोध्या के CO आशुतोष तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम जेल के अंदर पहुंची और पुलिस ने जांच के दौरान आरोपियों के घर से जो कैश और दस्तावेज मिले हैं, उन्हें क्रॉस वेरिफाई किया जा रहा है। कल ही अयोध्या की अदालत ने सभी आठों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत भेज दिया था। तब पुलिस ने उनकी रिमांड नहीं मांगी थी, लेकिन उसके एक दिन बाद ही पुलिस आरोपियों से पूछताछ करने जेल पहुंच गई।
जांचकर्ताओं ने चंपत रॉय के बारे में क्या क्या बताया?
- चंपत राय अच्छे एडमिनिस्ट्रेटर नहीं
- चंपत राय की तरफ से लापरवाही हुई
चंपत राय का बचना मुश्किल क्यों?
- चंपत राय पर चढ़ावा चोरी छुपाने का आरोप
- 5 जून को चंपत राय ने चोरी पकड़ी
- 5 जून को अविनाश शुक्ला से पैसे बरामद हुए थे
- बरामदगी के बावजूद चंपत ने FIR नहीं कराई
- 7 जून को चंपत राय ने कहा-कुछ नहीं हुआ
- चंपत राय ने आरोपियों पर एक्शन नहीं लिया
- चढ़ावा चोरों को चंपत ने गिनती से नहीं हटाया
- बैंक की शिकायत की भी चंपत ने अनदेखी की
क्यों सवालों के घेरे में चंपत राय?
- ट्रस्ट की सीसीटीवी 45 दिन बाद नष्ट, SOP 180 दिन की
- चंपत राय ने सबकुछ टिन्नू यादव को सौंप रखा था
- यूपी पुलिस को मंदिर में काम करने की नहीं देते थे छूट
- चंपत राय के बिना मंदिर में नहीं हिलता था पत्ता
- चढ़ावे से लेकर काउंटिंग तक सबकुछ चंपत की नजरों में
- SIT जांच में चंपत समेत किसी को क्लीन चिट नहीं
चंपत राय ने पुलिस को पूछताछ में क्या बताया ?
- चढ़ावा चोरी में कोई भूमिका नहीं
- जानकारी मिलते ही सक्रिय हो गए थे
- संदिग्धों को पकड़ा, FIR दर्ज कराई
- हेराफेरी रोकने की जिम्मेदारी मेरी थी
- टिन्नू यादव ग़लत करेगा इसकी उम्मीद नहीं थी
- राम मंदिर में गरीब और जरूरतमंदों को काम दिया
- अनिल मिश्रा और गोपाल राव ने भी सिफारिश की थी
समाजवादी सांसद ने क्या कहा?
राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी के मामले पर समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय कहते हैं, "सनातन धर्म में विश्वास रखने वाले लोगों को यह समझ आ गया है कि एक संगठित गिरोह ने भगवान राम के नाम पर देश को लूटा है और लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। मैंने हमेशा यह सवाल उठाया है कि जिन लोगों ने इस मंदिर के लिए बलिदान दिया, उन्हें कहीं कोई जगह नहीं मिली... आज उनका असली चेहरा सामने आ गया है; उनके लिए धर्म सत्ता हासिल करने का सिर्फ़ एक ज़रिया है और मंदिर कमाई का एक साधन..."
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