उत्तर प्रदेश में आज मनरेगा और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया और कई मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन को देखते हुए कई बड़े नेताओं को पहले ही नजरबंद कर दिया गया। इसके बाद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता राजधानी लखनऊ में विधानसभा का घेराव करने के लिए पहुंचे लेकिन पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इसे लेकर कांग्रेस क कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई और तू तू-मैं मैं होने लगी। यूपी के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में आज सुबह 11 बजे विधानसभा की ओर मार्च करने का आह्वान किया गया था।
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कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर लगाया आरोप
लखनऊ में कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में भारी पुलिस बल को तैनात किया था और हालात तनावपूर्ण होता देखकर पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग भी किया। इस पूरे समय में अफरातफरी मची रही। कांग्रेस नेता आराधना मिश्रा मोना ने आरोप लगाया कि जिस तरह महात्मा गांधी के नाम को समाप्त किया गया, उससे सरकार की मंशा स्पष्ट दिख रही है।
वहीं यूपी के कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा आज ये जो बैरिकेडिंग और पुलिस का घेरा खड़ा किया गया है, ये हमारी आवाज दबाने की कोशिश है। लोकतंत्र में डराना-धमकाना और डंडे के जोर पर हुकूमत करना राज नहीं कहलाता। सरकारें प्यार और भरोसे से चलती हैं, न कि बुलडोजर और खौफ से। सनातन की गुरु-शिष्य परंपरा और हमारी आस्था को कोई सरकार या अदालत तय नहीं कर सकती, ये तो सदियों से चली आ रही रीत है। देश में युवाओं को न नौकरी मिल रही है, न सही से उनकी परीक्षा हो रही है, बस हर जगह डर का माहौल है। लेकिन याद रहे, जब तक गांधी जी का आशीर्वाद और जनता का साथ हमारे साथ है, हम न रुकेंगे और न झुकेंगे. ये लड़ाई हक की है और हम इसे आखिरी दम तक लड़ेंगे!