उत्तर प्रदेश की आगरा सेंट्रल जेल से श्रीराम जाटव की करीब 30 साल बाद रिहाई हो गई है। जेल की चारदीवारी से बाहर निकलते ही श्रीराम जाटव के समर्थकों ने उसका फूल-मालाओं से स्वागत किया। मिली जानकारी के मुताबिक आगरा से मेरठ तक स्वागत जुलूस निकाला गया। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। श्रीराम जाटव के स्वागत जुलूस में वायरल तस्वीरें में ‘भारत सरकार’ लिखी एक गाड़ी भी दिखाई दी, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है।
भीकुंड-इकवारा कांड और गैंगवार से जुड़ा है मामला
गौरतलब है कि श्रीराम जाटव की रिहाई का मामला मेरठ के हस्तिनापुर क्षेत्र में 1990 के दशक में हुए चर्चित भीकुंड-इकवारा कांड और गैंगवार से जुड़ा है। उस दौर में गंगा खादर क्षेत्र में श्रीराम जाटव और किरोड़ी गुर्जर गैंग के बीच वर्चस्व की जंग को लेकर लंबे समय से तनाव बताया जाता है। वर्ष 1997 में इकवारा के जंगल में किरोड़ी गुर्जर गैंग पर जाति विशेष के छह लोगों की गला रेतकर हत्या करने का आरोप लगा था।
जनवरी में 16-17 तारीख को हुई थी घटना
इस घटना के प्रतिशोध में 16-17 जनवरी 1997 की रात में श्रीराम उर्फ सिरया पर भीकुंड गांव की एक चौपाल पर ताबड़तोड़ फायरिंग करने का आरोप लगा। इस हमले में मौली, संजय, नरेंद्र, बाबू, करतार सिंह और सुभाष की मौत हो गई थी, जबकि रोहताश और बालेश्वर गंभीर रूप से घायल हुए थे। यह हमला इकवारा कांड का बदला बताया गया था। मामले में श्रीराम समेत कई आरोपियों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और अन्य धाराओं में मुकदमा चला। निचली अदालत से श्रीराम जाटव को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। बाद में सितंबर 2022 में हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई हुई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषसिद्धि/सजा को बरकरार रखा गया।
करीब तीन दशक बाद जेल से बाहर
करीब तीन दशक आगरा जेल में रहने के बाद श्रीराम जाटव अब रिहा हुए हैं। रिहाई के बाद उनके समर्थकों ने आगरा से मेरठ तक जुलूस निकाला। हालांकि जेल से बाहर आने के बाद 17 सेकंड के एक वायरल वीडियो में श्रीराम कह रहा है कि वह कल भी समाज के लिए लड़ा था और आज भी समाज के लिए लड़ेगा। श्रीराम जाटव की रिहाई के बाद 1990 के दशक में हस्तिनापुर और गंगा खादर क्षेत्र में हुए गैंगवार, पुरानी आपसी रंजिश और उस दौर की हिंसक घटनाएं एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं, जिसे लेकर पुलिस और एल आईयू अलर्ट मोड पर आ गए है।
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