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Hindi News उत्तर प्रदेश SIR: 1.04 करोड़ वोटरों पर नोटिस की तलवार, साक्ष्य के साथ मांगा जा रहा जवाब

SIR: 1.04 करोड़ वोटरों पर नोटिस की तलवार, साक्ष्य के साथ मांगा जा रहा जवाब

उत्तर प्रदेश में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के बाद 1.04 करोड़ वोटर्स पर चुनाव आयोग के नोटिस की तलवार लटक गई है। इन वोटर्स को आयोग की ओर से नोटिस भेजे जा रहे हैं।

SIR- India TV Hindi Image Source : PTI एसआईआर

लखनऊ: यूपी में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के बाद चुनाव आयोग की तरफ से वोटरों को नोटिस आने शुरू हो गए हैं।  एसआईआर के बाद 12.55 करोड़ वोटरों का ड्राफ्ट लिस्ट में नाम था। इनमे 1.04 करोड़ वोटर ऐसे थे जिन्होंने एसआईआर फॉर्म भरा, ड्राफ्ट लिस्ट में उनका नाम भी आ गया लेकिन जांच के बाद 2003 की वोटर लिस्ट से मैप नहीं हो पाया। इन सबको अब नोटिस मिलना शुरू हो गया है। कल सभी बीएलओ अपने अपने पोलिंग बूथ पर बैठेंगे।

 इन नोटिस को लेकर जनता तो परेशान है ही ,बीजेपी और समाजवादी पार्टी भी अपने अपने वोटर्स के नोटिसों का जवाब दिलाने में लगी है। कल बीएलओ भी बूथ पर होंगे,वहां वोटर आएंगे ,बीजेपी  और सपा के नेता कार्यकर्ता घर घर जाकर इन नोटिसों के जवाब कैसे तैयार करा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक बीएलओ के स्तर से घर-घर जाकर नोटिस को तामील कराने की कार्रवाई तेजी से चल रही है। साक्ष्य के साथ जवाब मांगा जा रहा है। 

अखिलेश ने चुनाव आयोग पर साधा निशाना

उधर, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में जारी एसआईआर पर शनिवार को सवाल उठाए और अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने चुनाव पर निष्पक्षता सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप भी लगाया। एसआईआर प्रक्रिया को लेकर उन्होंने कहा, “यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण मामला है। इससे जुड़ी खबरें लगातार सामने आ रही हैं।” अखिलेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जब निर्वाचन आयोग ने चार नवंबर 2025 को पुनरीक्षण की घोषणा की थी, तब उसने यह वादा किया था कि "मतदाताओं की सूची में कोई कमी नहीं रहेगी" और यह आश्वासन भी दिया था कि इस प्रक्रिया से मतदाता सूची "शुद्ध व समावेशी" बनेगी। 

सपा अध्यक्ष ने कहा, “चुनाव आयोग ने कहा था कि मैपिंग और टेक्नोलॉजी की मदद से मतदाताओं की सूची को पूरी तरह से सटीक बनाया जाएगा और कोई भी मतदाता बाहर नहीं रहेगा। हालांकि हम कई अनिमितताएं होती देख रहे हैं।” उन्होंने अपनी लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाले कन्नौज सदर विधानसभा क्षेत्र में मिलीं विसंगतियों का उदाहरण देते हुए कहा, “अगर एक विधानसभा क्षेत्र में यह स्थिति है, तो पूरे राज्य में क्या हो रहा होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।” यादव ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने सरकार के साथ मिलकर काम किया और कहा कि संवैधानिक संस्था निर्वाचन आयोग अब निष्पक्षता से काम नहीं कर रही है।