नसीम सोलंकी की सीसामऊ सीट पर सपा-BJP में होगी सीधी टक्कर! किसका पलड़ा है भारी? समझिए UP चुनाव 2027 के समीकरण
कानपुर की सीसामऊ विधानसभा सीट पर सपा के सामने किला बचाने की चुनौती है, जबकि बीजेपी ये सीट वापस छीनने का प्रयास करने वाली है। समझिए सीसामऊ सीट पर 2027 के विधानसभा चुनाव में क्या सियासी समीकरण बन रहे हैं।

कानपुर जिले की सीसामऊ विधानसभा सीट यूपी की हॉट सीटों में से एक है। 1991 से लेकर 2024 तक हुए 8 सामान्य चुनावों और 1 उपचुनाव में BJP ने सीसामऊ में लगातार तीन बार जीत दर्ज की। फिर कांग्रेस ने दो बार जीत का परचम लहराया। इसके बाद सपा ने सीसामऊ सीट पर जीत की हैट्रिक लगाई। इसके साथ ही, सपा ने 2024 का उपचुनाव भी जीता। सीसामऊ विधानसभा सीट कानपुर लोकसभा का हिस्सा है। सीसामऊ की विधानसभा संख्या 213 है। 2008 तक सीसामऊ सीट SC वर्ग के लिए आरक्षित थी। फिर, परिसीमन के बाद यह सामान्य सीट हो गई। 2012 से सीसामऊ सीट पर लगातार सपा और इरफान सोलंकी के परिवार का दबदबा है। जानिए सीसामऊ विधानसभा सीट का इतिहास क्या है और 2027 के चुनाव में यहां क्या सियासी समीकरण हो सकते हैं।
1991 में राकेश सोनकर ने बीजेपी को दिलाई जीत
बात करें 1991 के विधानसभा चुनाव की तो BJP के राकेश सोनकर ने 36,576 वोट पाकर कांग्रेस के दीनदयाल को 21,756 वोटों के अंतर से हरा दिया था। दीनदयाल 14,820 वोट पाकर दूसरे नंबर पर रहे थे। अयोध्या में गोलीकांड के बाद बीजेपी ने ये सीट बड़े अंतर से जीती थी। जनता पार्टी के तुलसी राम तीसरे स्थान पर रहे थे और उन्हें 8,191 वोट मिले।
1993 में सपा-बीएसपी का गठबंधन भी BJP को नहीं हरा पाया
1993 के चुनाव में राकेश सोनकर ने बीजेपी के टिकट पर दोबारा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। उन्हें इस बार 51,949 वोट मिले थे, जबकि सपा के संजय सोनकर 21,975 वोटों पर सिमट गए थे। जीत का अंतर बढ़कर अब 29,974 वोटों का हो गया था। CPM के दौलतराम 11,415 वोट पाकर तीसरे नंबर पर रहे थे।
1996 में लगातार तीसरी बार जीती BJP
1996 के चुनाव में सीसामऊ सीट जीतकर बीजेपी के राकेश सोनकर ने जीत की हैट्रिक लगा दी। इस बार राकेश सोनकर को 43,201 वोट मिले थे और उन्होंने CPM के दौलतराम को 17,100 वोटों के अंतर से हरा दिया था। दौलतराम 26,101 वोट ही पा सके थे। कांग्रेस का इस चुनाव में BSP के साथ गठबंधन था और उसकी प्रत्याशी कमला दरियाबादी को 20,996 के साथ तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा था।
2002 में कांग्रेस ने रोका बीजेपी का विजय रथ
विधानसभा चुनाव 2002 में कांग्रेस ने सीसामऊ में बीजेपी का विजय रथ रोक दिया था। कांग्रेस के संजीव दरियाबादी ने 29,482 वोट पाकर बीजेपी के कपूर चंद्र सोनकर को 5,549 वोटों के अंतर से मात दे दी थी। कपूर चंद्र सोनकर 23,933 वोट लेकर रनरअप रहे थे। सपा इस चुनाव में तीसरे नंबर पर रही थी। उसके प्रत्याशी दुर्गेश वाल्मिकी को 16,878 वोट मिले थे।
2007 में कांग्रेस लगातार दूसरी बार जीती
2007 में कांग्रेस के प्रत्याशी संजीव दरियाबादी ने सीसामऊ सीट पर लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। इस बार उन्हें 25,775 वोट मिले थे, जबकि बीजेपी के राकेश सोनकर 24,411 वोट ही पा सके थे। दरियाबादी ने 1,364 वोटों के करीबी अंतर से चुनावी मुकाबला जीत लिया था। BSP तीसरे नंबर पर रही थी और उसके प्रत्याशी अनिल कुमार उर्फ अनिल सोनकर वारसी को 13,986 वोट मिले थे। वहीं, सपा उम्मीदवार चंद्रपाल दिवाकर 10,250 वोट हासिल कर पाए थे।
| वर्ष | विजेता | पार्टी | वोट | रनरअप | पार्टी | वोट | जीत का अंतर |
| 1991 | राकेश सोनकर | बीजेपी | 36,576 | दीनदयाल | कांग्रेस | 14,820 | 21,756 |
| 1993 | राकेश सोनकर | बीजेपी | 51,949 | संजय सोनकर | सपा | 21,975 | 29,974 |
| 1996 | राकेश सोनकर | बीजेपी | 43,201 | दौलतराम | माकपा | 26,101 | 17,100 |
| 2002 | संजीव दरियाबादी | कांग्रेस | 29,482 | कपूर चंद्र सोनकर | बीजेपी | 23,933 | 5,549 |
| 2007 | संजीव दरियाबादी | कांग्रेस | 25,775 | राकेश सोनकर | बीजेपी | 24,411 | 1,364 |
| 2012 | हाजी इरफान सोलंकी | सपा | 56,496 | हनुमान स्वरूप मिश्र | बीजेपी | 36,833 | 19,663 |
| 2017 | हाजी इरफान सोलंकी | सपा | 73,030 | सुरेश अवस्थी | बीजेपी | 67,204 | 5,826 |
| 2022 | हाजी इरफान सोलंकी | सपा | 79,163 | सलिल विश्नोई | बीजेपी | 66,897 | 12,266 |
| 2024 (उपचुनाव) | नसीम सोलंकी | सपा | 69,714 | सुरेश अवस्थी | बीजेपी | 61,150 | 8,564 |
(Source- Election Commission Of India)
2012 में सपा के इरफान सोलंकी ने हासिल की पहली जीत
2008 में परिसीमन के बाद सीसामऊ सीट सामान्य सीट हो गई थी। इस बार सपा ने मुस्लिम उम्मीदवार के रूप में हाजी इरफान सोलंकी पर दांव लगाया था। हाजी इरफान सोलंकी ने 56,496 वोट पाकर बीजेपी के हनुमान स्वरूप मिश्र को 19,663 वोटों के अंतर से हरा दिया था। हनुमान स्वरूप मिश्र 36,833 वोट ही पा सके थे। कांग्रेस के प्रत्याशी और तत्कालीन विधायक संजीव दरियाबादी तीसरे नंबर पर खिसक गए थे। उन्हें जनता ने 22,024 वोट दिए थे। वहीं, BSP के मोहम्मद वसीक 15,846 वोट पाकर चौथे नंबर पर रहे थे।
2017 में BJP की प्रचंड लहर के बावजूद जीते इरफान सोलंकी
2017 में सपा के इरफान सोलंकी ने सीसामऊ सीट पर जलवा बरकरार रखा और 73,030 वोट हासिल करके जीत अपने नाम कर ली थी। बीजेपी के सुरेश अवस्थी को जनता ने 67,204 वोट दिए थे। सपा ये चुनाव 5,826 वोटों से जीत गई थी। BSP फिर से तीसरे नंबर पर रही थी और उसके प्रत्याशी नंद लाल कोरी को 11,949 वोट मिले थे।
2022 में इरफान सोलंकी ने लगाई जीत की हैट्रिक
यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में सपा के इरफान सोलंकी ने सीसामऊ सीट पर लगातार तीसरी जीत हासिल की। उन्होंने 79,163 वोट पाकर बीजेपी के सलिल विश्नोई को 12,266 वोटों के अंतर से हरा दिया था। सलिल विश्नोई को 66,897 वोट मिले थे। इस चुनाव में तीसरे नंबर पर कांग्रेस के हाजी सुहेल अहमद रहे। उन्हें जनता ने 5,616 वोट दिए थे। जबकि BSP के रजनीश तिवारी महज 2,937 वोट हासिल कर सके थे।
2024 के उपचुनाव में नसीम सोलंकी ने बचाई सीट
हालांकि, एक क्रिमिनल केस में सजा होने के बाद इरफान सोलंकी की विधायकी चली गई और 2024 में सीसामऊ सीट पर उपचुनाव हुआ। इस बार सपा ने इरफान सोलंकी की पत्नी नसीम सोलंकी को उम्मीदवार बनाया। नसीम सोलंकी को जनता ने 69,714 वोट दिए और वह, बीजेपी के सुरेश अवस्थी से 8,564 वोटों के अंतर से विजयी हुईं। सुरेश अवस्थी 61,150 वोट ही पा सके थे।
2027 के चुनाव में सीसामऊ के सियासी समीकरण
सीसामऊ सीट के सामाजिक समीकरण की बात करें तो यह मुस्लिम बहुल सीट है। इसके अलावा, सामान्य और SC वर्ग के मतदाता भी सीसामऊ में निर्णायक संख्या में हैं। पिछले 3 दशकों में सीसामऊ सीट पर हुए 8 सामान्य चुनावों और 1 उपचुनाव में सपा को 4, बीजेपी को 3 और कांग्रेस को 2 बार जीत नसीब हुई है। BSP को सीसामऊ में एक बार भी जीत नहीं मिली है। 2027 के चुनाव में नसीम सोलंकी और सपा के सामने यहां सीट बचाने की चुनौती है, जबकि बीजेपी इसे वापस कब्जाना चाहती है। 2027 के चुनाव में यहां एक तरफ बीजेपी तो दूसरी तरफ सपा-कांग्रेस का गठबंधन हो सकता है। आगामी चुनाव में यहां सपा और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल सकती है।
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