बदायूंः उत्तर प्रदेश के बदायूं में मंगलवार को कचहरी परिसर में एक अद्भुत नजारा देखने को मिला जब कचहरी स्थित शिव मंदिर में दो सहेलियों ने एक दूसरे को वरमाला पहना कर शादी कर ली। उन्होंने कहा कि भले ही कानूनी रूप से हमारी शादी ना हो पाए लेकिन हम दोनों अब जीवन पर्यंत साथ-साथ रहेंगी। उन्होंने कहा कि हम यह कदम पुरुष समाज से नफरत के कारण उठा रहे हैं।
कोर्ट में लवमैरिज के लिए पहुंची लेकिन कानून आया आड़े
जानकारी के अनुसार, बदायूं के कलेक्ट्रेट परिसर में एडवोकेट दिवाकर वर्मा के चेंबर में दो लड़कियां पहुंची और उन्होंने एक दूसरे से शादी करने की इच्छा प्रकट की। उन्होंने बताया कि हम लोग आपस में सहेलियां हैं और लगभग 3 महीने से एक साथ रह रहे हैं। हम दोनों पति-पत्नी के रूप में एक साथ जीवन भर रहना चाहते हैं। हमारी शादी करवा दी जाए लेकिन कानूनी रूप से एक ही लिंग के होने की वजह से उनकी शादी नहीं हो सकती। इसके चलते दोनों लड़कियों ने कलेक्ट्रेट स्थित शिव मंदिर में एक दूसरे को जयमाला पहनाकर शादी कर ली और जिंदगी भर एक दूसरे के साथ रहने की कसम भी खाई।
लड़कियों ने बताई क्यों किया आपस में शादी
शादी करने वाली लड़कियों का कहना है कि वह पुरुष समाज से नफरत करती हैं और एक दूसरे के साथ जीवन बिताना चाहती हैं। भले ही कानून उन्हें शादी करने की इजाजत न दे लेकिन उन्होंने मंदिर परिसर में शादी कर ली है। उनका कहना है कि अगर परिवार वाले उनसे संबंध रखते हैं तो ठीक है वरना वह दोनों एक दूसरे के सहारे पूरा जीवन काट देंगे। बताया जा रहा है कि दोनों सहेलियों को एक पुरुष मित्र ने धोखा दिया था। जिससे वे आहत हैं। हालांकि दोनों ने मीडिया को यह नहीं बताया कि वे पहले से शादीशुदा थीं या फिर किस पुरुष ने उन्हें धोखा दिया।
वकील ने बताई ये बात
वहीं पूरे मामले पर दोनों लड़कियों के एडवोकेट दिवाकर वर्मा का कहना है कि यह दोनों लड़कियां मेरे पास आई और उन्होंने कहा कि हम शादी करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हम मर्दों से बहुत ज्यादा नफरत करते हैं। मर्दों ने हमारे साथ बहुत अत्याचार किया है। वकील ने बताया की संविधान हमें मान्यता देता है। इस वजह से हमने उनके प्रस्ताव पर विचार किया। कचहरी स्थित मंदिर में विधि विधान से इन्होंने विवाह किया है।
रिपोर्ट- सौरभ शर्मा, बदायूं