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जीजा के प्यार में मदहोश हुई साली को मिली आजीवन कारावास की सजा, बड़ी बहन को उतारा था मौत के घाट

बरेली में 15 साल पहले सनसनीखेज हत्याकांड में अब कोर्ट का फैसला आ गया है, जिसमें अपनी ही बहन की जान लेने वाली कलयुगी बहन को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।

Bareilly- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT बरेली

उत्तर प्रदेश के बरेली में 15 साल पहले सनसनीखेज हत्याकांड में अब अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है, जिसमें अपनी सगी बहन की जान लेने वाली कलयुगी बहन को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। बरेली के थाना भोजीपुरा से एक मामला सामने आया था, जिसने रिश्तों को तार-तार कर दिया। यह मामला साल 2011 का है जिसमें मृतक लड़की के भाई ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि उसकी बहन का निकाह पीलीभीत निवासी युवक से हुआ था। बताया जा रहा है कि निकाह के बाद उसकी छोटी बहन और जीजा के बीच प्रेम संबंध हो गए थे। जब इस रिश्ते के बीच बड़ी बहन रोड़ा बनने लगी, तो दोनों ने मिलकर उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। इस मामले में मुकदमे के विचारण के दौरान आरोपी जीजा की मौत हो चुकी है।

खेत में ले जाकर उतारा था मौत के घाट

बरेली के थाना भोजीपुरा में ​18 जून 2011 की रात जब पीड़िता अपने पति के साथ मायके आई हुई थी, तभी छोटी बहन उसे शौच के बहाने खेतों की तरफ ले गई। वहां पहले से घात लगाए बैठे जीजा और छोटी बहन ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। ​हत्या के बाद आरोपी बहन ने पुलिस को गुमराह करने के लिए झूठी कहानी गढ़ी। उसने शोर मचाकर दावा किया कि चार बदमाश उसकी बहन का अपहरण करके ले गए हैं। पुलिस ने जब मामले की जांच शुरू की, तो अपहरण की कहानी पर शक हुआ। पुलिस द्वारा कड़ाई से पूछताछ में साजिश का पर्दाफाश हो गया। पति और साली दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया था। ​मामले की सुनवाई एडीजे प्रथम की कोर्ट में चली। मुकदमे के वक्त आरोपी पति की मौत हो गई थी। कोर्ट में 12 गवाहों की गवाही और सबूतों के आधार पर अदालत ने छोटी बहन को अपनी बड़ी बहन की हत्या का दोषी पाया। अदालत  ने उसे आजीवन कारावास की सजा के साथ 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। 15 साल बाद ही सही कानून के हाथों से गुनहगार बच नहीं सकी और कोर्ट ने बहन के कातिल को सलाखों के पीछे भेज दिया।

यह जघन्य अपराध था

अदालत के फैसले को लेकर शासकीय अधिवक्ता ने बताया ​कि सत्र न्यायाधीश एडीजे फर्स्ट श्री ज्ञान त्रिपाठी जी ने फैसला दिया है। उसमें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। उसमें सारे सबूत पेश किए गए थे। उससे जो बरामदगी हुई थी उससे जो आला-ए-कत्ल छुरी, कुल्हाड़ी, मुंह में ठूंस के जो कपड़े उसने बंद किया था वह सब सारे सबूत पेश किए गए थे। 12 गवाह इस मामले में पेश किए गए थे उसमें सन 2011 की घटना है ​यह जीजा-साली का प्रेम संबंध था। यह जघन्य अपराध था, जो उसने अपने जीजा से मिलकर सगी बहन की हत्या करा दी थी।

(रिपोर्ट - विकास साहनी)

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