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जिस गाय को कुत्ते ने काटा उसके दूध से बना चरणामृत, गाय की रेबीज से मौत, दहशत में 450 लोगों ने लगवाया इंजेक्शन

यूपी के गोरखपुर में एक गाय को कुत्ते ने काट लिया और फिर उसी गाय के दूध से दुर्गा पूजा के दौरान चरणामृत बना दिया गया। इसके बाद गाय की रेबीज से मौत हो गई। इस घटना से लोग बुरी तरह से दहशत में आ गए और 450 लोगों ने रेबीज का इंजेक्शन लगवाया है।

gorakhpur dog bite cow rabies injection- India TV Hindi
Image Source : PEXELS/PTI गोरखपुर में 450 लोगों ने लगवाया रेबीज का इंजेक्शन। (कुत्ते और गाय की सांकेतिक फोटो)

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक डरा देने वाला मामला सामने आया है। गोरखपुर जिले के गोला ब्लॉक के डाड़ी खास गांव में दुर्गा पूजा के दौरान गाय के दूध से बना चरणामृत पीने वाले 450 लोगों को एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई गई है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि जिस गाय के दूध से चरणामृत बना था उसे कुत्ते ने काटा था, फिर उसकी मौत हो गई। जब लोगों को इस घटना के बारे में पता चला तो वे दहशत में आ गए। उसी डर से लोगों एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाया।

450 लोगों ने लगवाई वैक्सीन

गोरखपुर में हुई घटना के बाद पहले दिन मंगलवार को 50 लोगों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर टीका लगवाया था, जबकि बुधवार को 400 लोगों का टीकाकरण किया गया। गाय का दूध गांव की कुछ दुकानों और घरों में भी पहुंचता था, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार टीका लगवाने को कहा है। पशु चिकित्सक ने गाय में रेबीज की आशंका जताई है।

कैसे हुआ मामले का खुलासा?

डाड़ी खास गांव के पशुपालक नवमी यादव के मुताबिक, उन्हें जानकारी नहीं हो सकी कि गाय को आवारा कुत्ते ने कब काटा था। वह नियमित रूप से दो दुकानों और कुछ घरों में गाय का दूध पहुंचाते थे। पिछले एक-दो दिनों से गाय की तबीयत खराब लग रही थी, लेकिन मंगलवार को उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद पशुपालक ने निजी पशु चिकित्सक डॉ. बेचन सिंह, डॉ. हरदेव यादव और डाड़ी खास पशु चिकित्सालय के चिकित्सक को दिखाया। पशुपालक के अनुसार, चिकित्सकों ने गाय को कुत्ते के काटने की आशंका जताई। कुछ देर बाद गाय भौंकने लगी और मंगलवार देर शाम उसकी मौत हो गई।

कैंप लगाकर लोगों को टीके लगाए गए

गाय की तबीयत बिगड़ने और उसके असामान्य व्यवहार की जानकारी सामने आने के बाद दुर्गा पूजा में उसी के दूध से बना चरणामृत पीने वाले डाड़ी और गोविंदपुर गांव के श्रद्धालु चिंतित हो गए। इसके बाद लोगों ने एहतियातन एंटी-रेबीज टीका लगवाना शुरू किया। बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से स्वास्थ्य विभाग की टीम डाड़ी गांव पहुंची। फार्मासिस्ट सिद्धार्थ सिंह के नेतृत्व में टीम ने कैंप लगाकर लोगों को टीके लगाए। बड़ी संख्या में ग्रामीणों के पहुंचने के कारण टीकाकरण का काम लगातार चलता रहा। बुधवार शाम तक 400 लोगों को वैक्सीन लगाई गई। इससे पहले मंगलवार को करीब 50 लोग सीएचसी पहुंचकर टीका लगवा चुके थे। डाक्टरों ने कहा संबंधित लोगों को निर्धारित चिकित्सकीय सलाह के अनुसार एंटी-रेबीज वैक्सीन की डोज लगवानी होगी। उन्होंने बताया कि सामान्य इंट्रामस्कुलर शेड्यूल में पहली डोज के बाद तीसरे, सातवें, 14वें और 28वें दिन टीके लगाए जाते हैं। इसके बाद 90वें दिन बूस्टर डोज की बात कही गई है। आपको बता दें कि रेबीज एक एक जानलेवा बीमारी है। इस बीमारी में समय पर इलाज न मिले तो जान बचाना मुश्किल होता है।

डिप्टी सीएमओ बताई जरूरी बात

इस पूरी घटना के संबंध में गोरखपुर जिला चिकित्सालय के डिप्टी सीएमओ डॉक्टर राजेश कुमार ने बताया कि हमने वहां बात करके जानकारी ली तो पता चला कि गाय के दूध से चरणामृत बना था जिससे एहतियात के तौर पर 450 लोगों ने एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाया है। उन्होंने कहा कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं क्योंकि चरणामृत बनाने से पहले दूध को उबाला जाता है, फिर दही बनता है और उसके बाद चरणामृत बनता है। डिप्टी सीएमओ ने कहा कि दूध बॉयल करने से उसके वायरस मर जाते है। इसलिए इसमें कोई घबराने की जरूरत नहीं है। (रिपोर्ट: राज श्रीवास्तव)

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