यूपी: कानपुर में 6 हजार का लालच देकर हिंदुओं का कराया जा रहा धर्म परिवर्तन, 10 सालों से चल रहा धर्मांतरण नेटवर्क, 3 गिरफ्तार
यूपी के कानपुर देहात में एक बड़े धर्मांतरण नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। यह नेटवर्क बड़ी संख्या में हिंदुओं का ईसाई धर्म में परिवर्तन करवा चुका है। इसके लिए गरीब और असहाय हिंदुओं को तमाम लालच दिए जाते थे।

कानपुर: यूपी के कानपुर देहात से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां आस्था का सौदा किया जा रहा है और गरीबों को जाल में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा है। कानपुर देहात में एक धर्मांतरण नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है, जिसके बाद कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
कानपुर देहात जिले के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र में धर्म परिवर्तन से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन से लेकर आम जनता तक को चौंका दिया है। “नवाकांती सोसाइटी” के नाम से संचालित एक संस्था पर आरोप लगा कि वह वर्षों से गरीब, असहाय और दलित समुदाय के लोगों को योजनाबद्ध तरीके से ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रही थी। इस पूरे मामले की शिकायत राम भरोसे नामक व्यक्ति ने पुलिस से की, जो स्वयं करीब 10 वर्षों तक संस्था से जुड़ा रहा और पहले ही धर्म परिवर्तन करा चुका था।
दिए जाते थे ये प्रलोभन
राम भरोसे के अनुसार, शुरुआत में संस्था की ओर से सिलाई मशीन, ब्यूटी पार्लर, हेयर कटिंग और अन्य कौशल प्रशिक्षण देने के नाम पर लोगों को जोड़ा जाता था। बैठकों के दौरान हैंडपंप, घरेलू उपकरण, रोजगार के साधन और अन्य सुविधाएं दिलाने का लालच दिया जाता था। जो लोग औरों को जोड़कर लाते थे, उन्हें ₹6,000 प्रतिमाह देने का प्रलोभन भी दिया जाता था।
धीरे-धीरे इन बैठकों का स्वरूप बदलने लगता था। पीड़ित परिवार का आरोप है कि मीटिंग में पहले सामान्य बातचीत होती, फिर बाइबल पढ़वाई जाती, ईसाई प्रार्थनाएं कराई जातीं और धर्म परिवर्तन के लिए कसम-वादे कराए जाते थे। कुछ बैठकों में सफेद पैंट-शर्ट पहने विदेशी नागरिकों की मौजूदगी दिखाई देती है, जिससे पूरे नेटवर्क पर शक और गहरा गया।
पीड़ित परिवार की माने तो जब उन्होंने इन गतिविधियों पर सवाल उठाए और धर्म परिवर्तन से इनकार किया तो उन्हें रुपये दुगने लौटाने और जान से मारने की धमकियां मिलने लगीं। डर और दबाव से परेशान होकर उन्होंने आखिरकार पुलिस का दरवाजा खटखटाया।
कोतवाली से कुछ दूरी पर चल रहा था गोरखधंधा
हैरानी की बात यह है कि यह कथित गतिविधि अकबरपुर कोतवाली से महज 500 मीटर की दूरी पर करीब 10 वर्षों से चल रही थी, लेकिन अब तक पुलिस को इसकी भनक नहीं लगी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीन नाम दर्ज सहित चार लोगों पर FIR दर्ज की और डेनियल शरद सिंह, हरिओम त्यागी और सावित्री शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को खंगालने में जुटी है। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद इलाके में हड़कंप मचा गया। सवाल है कि आखिर इतने लंबे समय तक यह सब कैसे चलता रहा। 10 सालों में कितनों का धर्मांतरण हो चुका है ये संख्या अभी साफ नहीं हो सकी है। जितने लोग संस्था से जुड़े थे, यह पहले हिंदू थे, बाद में ईसाई धर्म अपना लिया है। सूत्रों की मानें तो हजारों की संख्या में लोगों का धर्म परिवर्तन कराया जा चुका है।
इस मामले में पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडेय का बयान भी सामने आया है। (रिपोर्ट - कानपुर से ज्ञानेंद्र शुक्ला)