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यूपी: संभल में शादियों को लेकर पंचायत के 6 अनोखे फरमान जारी, बारात आने में देरी हुई तो दूल्हा पक्ष पर हर घंटे का 5 हजार जुर्माना लगेगा

संभल में शादियों में फिजूलखर्ची को रोकने के लिए पंचायत ने 6 फरमान जारी किए हैं। इसमें एक फरमान ये भी है कि बारात देर से आने पर दूल्हा पक्ष पर जुर्माना लगाया जाएगा।

Sambhal- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT संभल में शादियों को लेकर पंचायत के 6 अनोखे फरमान जारी

संभल: यूपी के संभल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां शादियों को लेकर पंचायत ने 6 अनोखे फरमान जारी किए हैं। इसमें सबसे अनोखा फरमान ये है कि अगर बारात आने में देरी हुई तो दूल्हा पक्ष पर प्रति घंटे का 5 हजार रुपए जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा फरमान ये भी है कि रिश्ता तय होते समय होने वाले दूल्हा और दुल्हन के बीच मोबाइल नंबर का आदान-प्रदान नहीं होगा। मोबाइल का लेन-देन नहीं होगा।

क्या है पूरा मामला?

संभल में की गई एक पंचायत में शादी के फिजूल खर्चों को लेकर 6 बड़े चौंका देने वाले फरमान जारी हुए हैं। ये फरमान यह हैं कि शादी की दावत एक ही बार ही होगी। बार-बार मेहमाननवाजी नहीं की जाएगी। रिश्ता तय होते समय लड़का-लड़की को मोबाइल नंबर नहीं देगा और न ही लड़की नंबर की मांग करेगी। 

तीसरा फरमान ये है कि दोपहर तीन से चार के बीच बारात आएगी। यदि बारात आने में देरी हुई तब 5000 रुपए प्रति घंटे के हिसाब से लड़का पक्ष पर जुर्माना लगेगा। संभल जिले में सामाजिक बुराइयों के खिलाफ मुस्लिम समाज की किदवई बिरादरी ने ये पंचायत की है। 

इस पंचायत के बीच कई अहम फैसले लिए गए हैं। साथ ही समाज के सभी लोगों के लिए फरमान जारी किए गए हैं। शादी-बारात के मंडप में डीजे और भांगडा पर बैन लगा दिया गया है। इसके अतिरिक्त लड़की पक्ष की तरफ से दिए गए सामान को दिखाने के लिए सजाया नहीं जाएगा। 

मुस्लिम समाज की किदवई बिरादरी की पंचायत के ये हैं फरमान 

  • शादी की दावत एक ही बार ही होगी। बार-बार फिजूलखर्च नहीं किया जाएगा।
  • रिश्ता तय होते समय लड़की-लड़की के बीच मोबाइल नंबर का आदान-प्रदान नहीं होगा।
  • बारात आने में देरी हुई तब 5000 रुपए प्रति घंटे के हिसाब से लड़का पक्ष पर जुर्माना लगेगा।
  • शादी-बारात के मंडप में डीजे और भांगडा पर बैन होगा। ये बिल्कुल नहीं चलेगा।
  • लड़की पक्ष की तरफ से दिए गए दहेज को सजाकर दिखाया नहीं जाएगा।

फरमान नहीं मानने पर क्या कार्रवाई होगी?

पंचायत द्वारा बनाए गए ये नियम नहीं मानने वाले के खिलाफ बिरादरी के सदर सजा तय कर फैसला सुनाएंगे। पंचायत का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य सामाजिक कुरीतियों पर रोक लगाना और आर्थिक बोझ कम करना है। इस मामले में ग्राम प्रधान मोहम्मद नदीम का बयान भी सामने आया है। (इनपुट: रोहित व्यास)