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यूपी: जब विधानसभा में मंत्री स्वतंत्र देव ने सपा विधायक से कहा- "अपनी वाइफ की कसम खा लें, मैं मंत्री पद छोड़ने को तैयार"

उत्तर प्रदेश विधानसभा में आज सपा विधायक मोहम्मद फहीम इरफान ने जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को घेरने की कोशिश की लेकिन मंत्री ने कहा कि इरफान अपनी पत्नी की कसम खा लें कि गांव में पानी नहीं पहुंचा तो वह मंत्री पद छोड़ने के लिए तैयार हैं।

Swatantra Dev Singh, Mohammed Faeem irfan- India TV Hindi
Image Source : UP ASSEMBLY VIDEO SCREENGRAB मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और सपा विधायक मोहम्मद फहीम इरफान

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा में आज एक दिलचस्प वाकया हुआ, जो काफी चर्चा में है। दरअसल विपक्ष के हंगामे के बीच प्रश्नकाल चलाने पर सहमति बन गई। विपक्ष के नेताओं ने जल शक्ति मिशन और ग्राम सड़क योजना पर सरकार को घेरने की कोशिश की। इसी दौरान समाजवादी पार्टी के विधायक मोहम्मद फहीम इरफान ने आरोप लगाया कि जल शक्ति मिशन के तहत उनके इलाके में आधे अधूरे काम हुए हैं। गांवों में पानी नहीं आ रहा। टंकियां गिर रही हैं। पूरी योजना में जमकर करप्शन हुआ है।

सपा विधायक पर मंत्री स्वतंत्र देव ने किया पलटवार

इरफान ने इल्जाम लगाया कि जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने सदन को गलत आंकड़े दिए हैं। सदन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी बैठे थे। इरफान ने कहा कि मुख्यमंत्री को इसकी जांच करानी चाहिए। ये बात स्वतन्त्र देव सिंह को बुरी लग गई तो वो खड़े हुए और इरफान को चैलेंज किया कि वो अपनी वाइफ की कसम खाकर कहें कि उनके गांव में पानी नहीं पहुंचा। अगर इरफान बीबी की कसम खा लें, तो वो तुंरत मंत्री पद छोड़ देंगे।

इस बयान से मोहम्मद फहीम इरफान फंस गए। उन्होंने बीबी की कसम खाने से इंकार कर दिया लेकिन बात यहीं खत्म नहीं हुई। स्वतन्त्र देव सिंह कितनी तैयारी और कॉन्फीडेंस के साथ सदन में आए थे, इसका अंदाजा इरफान साहब को भी नहीं था।

स्वतन्त्र देव सिंह ने मोहम्मद फहीम इरफान के गांव का नाम बताया। गांव के प्रधान का नाम बताया और स्पीकर से कहा कि इसी वक्त ग्राम प्रधान को फोन करके पूछ लिया जाए कि उनके गांव में पानी पहुंचा है या नहीं। अगर ग्राम प्रधान कह देगा कि पानी नहीं पहुंचा तो वो इस्तीफा दे देंगे। स्वतन्त्र देव सिंह ने कहा कि योगी सरकार में लफ्फबाजी नहीं होती, इसलिए इस तरह के बेबुनियाद इल्जाम लगाना ठीक नहीं है।

हैरानी की बात ये है कि पहले जब सरकारों पर इस तरह के आरोप लगते थे, तो मंत्री सीधा जबाव देने से बचते थे। कोई सरकारी योजनाओं में गड़बड़ियों आरोप लगाता था और करप्शन का इल्जाम लगाता था तो मंत्री यही जबाव देते हैं कि सरकार मामले की जांच कराएगी। अगर गड़बड़ी पाई गई तो दोषियों पर एक्शन लेगी लेकिन स्वतन्त्र देव सिंह ने आज बाजी पलट दी और समाजवादी पार्टी के विधायक को घेर लिया।