वाराणसी नगर निगम ने सीवर लाइनों को जानबूझकर जाम किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। नगर निगम के मुताबिक, शिवाला, सरायनंदन, नगवा समेत करीब आधा दर्जन वार्डों की सीवर लाइनों में बालू से भरी बोरियां, पत्थर, लकड़ी का बुरादा, प्लाई और प्लास्टिक की सामग्री मिली है। निगम ने इसे जलभराव कराने की साजिश बताया है। बता दें कि वाराणसी में जलभराव को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव लगातार सरकार और नगर निगम पर सवाल उठा रहे हैं। इस बीच जान बूझकर सीवर लाइन जाम किए जाने का मामला सामने आने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
सीवर लाइन में मिली बालू की बोरियां
नगर निगम के मुताबिक शिवाला क्षेत्र में शुक्रवार रात सीवर लाइन की सफाई के दौरान करीब 12 बोरी बालू निकाली गई। नगर निगम का कहना है कि मुख्य सीवर लाइन में बड़ी मात्रा में बालू और दूसरी सामग्री भरे होने से लाइन चोक हो गई। इसके चलते आसपास की गलियों में सीवर का पानी ओवरफ्लो होने लगा और जलभराव की स्थिति पैदा हुई।
वहीं शनिवार को महापौर और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने अधिकारियों और पार्षदों के साथ शिवाला क्षेत्र का निरीक्षण किया। महापौर ने कहा कि नगर निगम और जलकल विभाग की टीमें जलभराव वाले इलाकों में लगातार काम कर रही हैं। उनके मुताबिक, कई स्थानों से जलभराव की समस्या दूर की जा चुकी है और निचले इलाकों से पंप लगाकर पानी निकाला जा रहा है।
सीसीटीवी फुटेज से होगी जांच
सीवर में बालू की बोरियां मिलने के बाद नगर निगम ने मामले को गंभीरता से लिया है। जलकल विभाग के अधिशासी अभियंता ने अज्ञात लोगों के खिलाफ भेलूपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए तहरीर दी है। इसमें आरोप लगाया गया है कि मुख्य सीवर लाइन को जानबूझकर जाम कर शहर में जलभराव की स्थिति पैदा करने की कोशिश की गई।
नगर निगम अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि फुटेज के आधार पर सीवर लाइन में सामग्री डालने वालों की पहचान करने की कोशिश की जाएगी। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कहा कि पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि सीवर लाइन या सरकारी संपत्ति से छेड़छाड़ करने वाले किसी व्यक्ति की जानकारी मिलने पर तत्काल नगर निगम को सूचित करें।
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