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अरे गजब! पुलिस ने 1 लाख जिंदा कॉकरोच के साथ पकड़ा बदमाश, जानें क्या कर रहा था कीड़ों के साथ

Madagascar Hissing Cockroach: 1 लाख से ज्यादा जिंदा कॉकरोच को छापेमारी में पकड़ा गया है। यह एक बार में पकड़े गए कीड़ों की सबसे बड़ी जब्ती बताई जा रही है। जानें ये पूरा मामला क्या है।

1 लाख जिंदा कॉकरोच...- India TV Hindi
Image Source : (DCCEEW, AUSTRALIA) 1 लाख जिंदा कॉकरोच पकड़े जाने से हड़कंप मच गया।

Australia Cockroach Seizure: ऑस्ट्रेलिया में एक ऐसे शख्स को पकड़ा गया है, जिसके पास से 1 लाख जिंदा कॉकरोच बरामद किए गए हैं। यह अपने आप में रिकॉर्ड तोड़ कीट जब्ती है। अधिकारियों ने आज (शुक्रवार को) बताया कि ऑस्ट्रेलिया में अवैध तरीके से पाले जाने वाले 1 लाख से ज्यादा जीवित तिलचट्टे एक ही ब्रीडर से जब्त किए गए हैं। यह ऑस्ट्रेलिया में अब तक की सबसे बड़ी विदेशी अकशेरुकी जीवों की बरामदगी है। अकशेरुकी जीव वह होते हैं जिनमें रीढ़ की हड्डी नहीं होती है।

1 करोड़ 35 लाख ज्यादा है बरामद कॉकरोच की कीमत

ऑस्ट्रेलिया के जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा, पर्यावरण और जल विभाग के मुताबिक, छापेमारी में जो 1 लाख से ज्यादा मेडागास्कर हिसिंग कॉकरोच और ड्यूबिया तिलचट्टे बरामद हुए हैं, उनकी कीमत 2 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर यानी 1 करोड़ 35 लाख रुपये से ज्यादा है। इन्हें बेचने की तैयारी चल रही थी। ये जब्ती बीते मई महीने में न्यू साउथ वेल्स की बाथर्स्ट सिटी में एक व्यावसायिक पशुपालक से की गई है।

मेडागास्कर हिसिंग कॉकरोच प्रजाति की खासियत

जान लें कि मेडागास्कर हिसिंग प्रजाति, विश्व के सबसे बड़े कॉकरोच में से एक है। इसकी लंबाई 2 से 3 इंच तक होती है। विभाग की तरफ से बरामद तिलचट्टों की जो तस्वीरें जारी की गई हैं, उसमें चमकदार, भूरे रंग का अकशेरुकी जीव इंसानी उंगली से भी बड़ा नजर आ रहा है।

कॉकरोच क्यों पाले जाते हैं?

गौरतलब है कि जैसे बाकी दुनिया में गाय, भैंस और मधुमक्खी पालन होता है, वैसे ही ऑस्ट्रेलिया समेत कुछ देशों में कॉकरोच का पालन भी किया जाता है। इनका मुख्य रूप से इस्तेमाल दवाइयों के निर्माण, वेस्ट मैनेजमेंट, पशु-पक्षियों के भोजन और साइंटिफिक रिसर्च के लिए किया जाता है। चीन में यह बड़ा उद्योग है, जहां अरबों की संख्या में कॉकरोच का पालन होता है।

जैव विविधता के लिए बन सकता है खतरा

दरअसल, विदेशी प्रजातियों के जीवों को अनियंत्रित रूप से पालना और उन्हें बेचना, स्थानीय जैव विविधता के लिए खतरा हो सकता है। अगर ऐसी प्रजातियां गलती से प्राकृतिक वातावरण में शामिल हो जाएं तो वे स्थानीय जीवों और कीटों के आवास पर प्रभाव डाल सकती हैं। इससे पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ सकता है। यही कारण है कि ऑस्ट्रेलिया में विदेशी अकशेरुकी जीवों के इंपोर्ट, पालन और व्यापार पर कड़े कानून हैं।

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