किसी भी देश में पुलिस इसलिए होती है ताकि समाज में अपराध को रोका जा सके। पुलिस अपराध करने वालों को पकड़े और उन्हें कोर्ट से सजा दिलवाए। मगर तब क्या होगा जब लोगों को पता चले कि अपराधियों को पकड़ने वाली पुलिस ने किसी अपराधी को सुरक्षा के लिए एक सरकारी गनर दिया हुआ है? हैरान हो गए न? आपको बता दें कि हैरान करने वाला यह मामला कानपुर से है जहां पुलिस ने एक अपराधी को सरकारी गनर देकर उसे सुरक्षा मुहैया कराया है और वो अपराधी उस गनर के साथ वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपना भौकाल भी बनाता है। आइए आपको पूरी जानकारी देते हैं।
वांछित अपराधी को दिया गनर
आपको बता दें कि कानपुर नगर पुलिस एक ऐसे वांछित अपराधी को लंबे समय से सुरक्षा दे रही थी जिसके खिलाफ पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। हम जिसकी बात कर रहे हैं उसका नाम अकील अहमद है जो सुरक्षा गनर के साथ घूमते हुए या फिर घर में बैठे हुए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करके अपना भौकाल बना रहा है। उसका मामला तब सुर्खियों में आया जब कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और CCTV फुटेज सामने आए जिसमें पुलिस उसे पकड़कर जीप में ले जाती दिखी मगर कुछ देर बाद उसे छोड़ भी दिया।
आपको यह भी बता दें कि अकील अहमद के खिलाफ कानपुर के अलग-अलग थानों में रंगदारी, वसूली, जान से मारने की धमकी, मारपीट, धोखाधड़ी और आईटी एक्ट से जुड़े कई मुकदमे दर्ज हैं। कई मामलों में उसके घर की कुर्की भी हो चुकी है, लेकिन वह फरार चल रहा था। न्यायालय ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। पुलिस टीम उसके घर पहुंची, उसे पकड़ा और जीप में बैठाकर थाने ले गई मगर कुछ ही देर बाद उसे छोड़ दिया गया। इसके कारण कानून व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
यहां देखें उसका वीडियो
पुलिस ने बचाव में क्या कहा?
जब यह मामला सामने आया कि पुलिस किसी अपराधी को सुरक्षा मुहैया करा रही है तो पुलिस ने इस मामले में अपना बचाव भी किया। एडिशनल डीसीपी ने मामले पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा, 'अकील अहमद को विटनेस प्रोटेक्शन स्कीम के तहत सुरक्षा दी गई थी क्योंकि वह एक बड़े केस में गवाह है। 3 महीने पहले कमिश्नर के आदेश पर यह सुरक्षा हटा ली गई थी। मामला मीडिया में आने पर एक बार फिर सुरक्षा वापस ले ली गई है।
अकील अहमद के प्रमुख आपराधिक मामले
आइए आपको अब यह बताते हैं कि अकील अहमद पर अलग-अलग थानों में कौन-कौन से मुकदमे दर्ज हैं।
- उसके खिलाफ एक मुकदमा कानपुर नगर के कर्नलगंज थाने में मानहानि, अपमानजनक शब्द, आपराधिक धमकी और आईटी एक्ट उल्लंघन को लिए धारा 500, 504, 506 IPC एवं 66 आईटी एक्ट के तहत दर्ज है।
- दूसरा मुकदमा कानपुर नगर के थाना अनवरगंज में गदारी, संपत्ति क्षति, मारपीट और अपमानजनक शब्द के लिए धारा 135/1998, धारा 384, 427, 323, 504 IPC के तहत दर्ज है।
- वहीं तीसरा मुकदमा भी अनवरगंज थाने में ही रंगदारी, संपत्ति क्षति, मारपीट और अपमानजनक शब्द के लिए धारा 384, 427, 323, 504 IPC के तहत दर्ज है।
- उस पर चौथा मुकदमा स्वरूप नगर थाने में धारा 420, 467, 468, 471 IPC के तहत धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज बनाना और उपयोग करने के लिए दर्ज है।
(कानपुर से अनुराग श्रीवास्तव की रिपोर्ट)
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